गोंडा। पंचायत चुनाव की सरगरमी बहुत तेज हो गई है। पुनरीक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पुनरीक्षण के साथ ही लोग अब परिसीमन व आरक्षण की श्रेणी तय होने का इंतजार कर रहे हैं। चुुनाव का अभी फाइनल तारीख कुछ भी तय नहीं है लेकिन माना जा रहा दिसंबर तक चलने वाले पुनरीक्षण कार्य के बाद कभी भी डेट तय किया जा सकता है। चुनाव में सबसे अधिक जोर मतदाता बनाने व गलत नामों को हटाने पर जोर रहता है। इस बार चल रहे पुनरीक्षण में सामान्य तौर पर करीब चार लाख से अधिक मतदाता बढ़ सकते हैं। ऐसे में इस बार जब चुनाव होगा तेे करीब 26 लाख से अधिक मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। वहीं 2015 में साढ़े 22 लाख मतदाताओं ने अपनी सरकार चुनी थी।
दस प्रतिशत से अधिक की हो सकती है बढ़ोतरी
सरकारी दावे के अनुसार हर पंच वर्षीय चुनाव में करीब दस प्रतिशत वोटर बढ़ जाते हैं। विधानसभा व लोकसभा चुनाव में पुनरीक्षण में लोगों को भले ही अधिक रुचि न रहती हो लेकिन पंचायत चुनाव में लोग चुन-चुन कर एक-एक वोट पर नजर रखते हैं। घर-घर जाकर लोग बीएलओ से फार्म भराते हैं और वोटर बनाने की सबसे तेज कवायद पंचायत चुनाव में होती है। किस घर में कौन से वोटर की पौध तैयार हुई इस पर भी लोगों की नजर होती है। माना जा रहा है कि हर परिवार में एक से दो या तीन लोग वोटर बन जाते हैं। इसलिए दस प्रतिशत से अधिक नए वोटर के बनने के आसार हैं। यह संख्या इससे भी अधिक हो सकती है।
2015 में 22 लाख से अधिक थे वोटर
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 में हुए प्रधानी चुनाव चार चरण में हुए थे। तहसीलवार हुए चुनाव में जिले की चार तहसीलों के 16 ब्लाक के 22 लाख 58 हजार वोटर थे। इसमें करनैलगंज तहसील के हलधरमऊ, परसपुर, कटरा बाजार व करनैलगंज ब्लाक क्षेत्र में 593006, तहसील मनकापुर के छपिया, बभनजोत व मनकापुर में 466432, तरबगंज तसहील के नवाबगंज, वजीरगंज, बेलसर व तरबगंज ब्लाक क्षेत्र में 565211 तथा तहसील सदर गोंडा के झंझरी, पंडरीकृपाल, मुजेहना, रुपईडीह व इटियाथोक में 633398 मतदाता थे। हो रहे पुनरीक्षण के बाद तय माना जा रहा है कि इस बार करीब चार लाख मतदाता बढ़ेंगे। ऐसे में कुल 26 लाख से अधिक मतदाता गांव से लेकर क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के रहनुमा चुनेंगे।
इस बार ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत के एक साथ होंगे चुनाव
यह भी तय माना जा रहा है कि दिसंबर 2015 तक पिछला चुनाव संपन्न हो गया था। इसके बाद 2016 के शुरुआत में क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत का चुनाव हुआ था। लेकिन ग्राम पंचायत के चुनाव में देरी होने के कारण इस बार तीनों चुनाव एक साथ होंगे। इसमें वोटरों को एक साथ तीन प्रत्याशियों का चयन करना होगा।
तेजी से हो रहा पुनरीक्षण का कार्य
जिले में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी पूरी है। पुनरीक्षण का कार्य तेजी से चल रहा है। सभी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता बनाने, मृतकों के नाम विलोपित करने तथा नाम घटाने का कार्य किया जा रहा है। यह सही है कि पंचायत चुनाव में वोटर बनाने का कार्य बहुत तेजी से हो रहा है और दस प्रतिशत वोटर बढ़ने के आसार हैं। -उमेश कुमार श्रीवास्तव, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय पंचस्थानी गोंडा