करनैलगंज। तहसील के न्यायालयों में विचाराधीन मुकदमों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रशासनिक कार्यों, अधिकारियों की कमी और हड़ताल की वजह से मुकदमों का निस्तारण चुनौती बन गया है।
तहसील की ऑनलाइन और ऑफलाइन अदालतों में मिलाकर लगभग आठ हजार मुकदमे लंबित हैं। उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में ऑनलाइन 544 और फौजदारी के 1,034 मामले लंबित हैं, जबकि ऑफलाइन मामलों की संख्या 2,150 है। तहसीलदार मजिस्ट्रेट की अदालत में ऑनलाइन 624 और ऑफलाइन 2,200 मामले लंबित हैं। इसी तरह, नायब तहसीलदार की अदालतों में भी सैकड़ों मुकदमे लंबित हैं।
करनैलगंज तहसील में कुल न्यायालयों की संख्या अधिक है, लेकिन अधिकारी पर्याप्त नहीं हैं। एसडीएम न्यायिक का पद रिक्त है। तहसीलदार और तहसीलदार न्यायिक के पद भी खाली हैं। चार नायब तहसीलदारों में से केवल दो ही कार्यरत हैं, जिसमें एक को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वादकारियों का कहना है कि प्रशासन को सबसे पहले रिक्त पदों पर अधिकारियों की तैनाती करनी चाहिए। इससे मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी। एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि प्रशासनिक कार्यों के बीच न्यायालयों का कार्य प्राथमिकता पर किया जा रहा है। समय निकालकर मुकदमों की सुनवाई और निस्तारण किया जा रहा है। अधिकारियों की कमी और कार्यभार अधिक होने के कारण न्यायालयों में कभी-कभी व्यवधान आता है।