गोंडा। सेवानिवृत्त कर्मचारी की चिकित्सा प्रतिपूर्ति पास करने के एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सीएमओ कार्यालय के लिपिक शशिकांत सिंह को बृहस्पतिवार को गोरखपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया गया। वहां से लिपिक को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने बहराइच के थाना जरवल रोड के आदमपुर गांव निवासी आशीष पांडेय की शिकायत पर बुधवार को जाल बिछाया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सेवानिवृत्त कर्मचारी की चिकित्सा प्रतिपूर्ति फाइल पास करने के लिए लिपिक शशिकांत सिंह पांच हजार रुपये की मांग कर रहे थे। संगठन की टीम ने सत्यापन के बाद सीएमओ कार्यालय में ही उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया था। प्रकरण में देहात कोतवाली में दर्ज एफआईआर की जांच निरीक्षक बब्बन खान को सौंपी गई है। इधर, सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने कहा कि उन्हें अब तक भ्रष्टाचार निवारण संगठन की औपचारिक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलते ही आरोपी लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।