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मनरेेगा और पंचायत निधि

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गोंडा। गांव के विकास की योजना में बड़े पैमाने पर गोलमाल उजागर हुआ है। मामला हलधरमऊ के पिपरी राउत गांव से जुड़ा हुआ है। यहां पर 36 परियोजनाओं पर 36 लाख 17 हजार 669 रुपये का बजट निकाल लिया गया है लेकिन हिसाब सिर्फ 6 परियोजनाओं का ही मिल रहा है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराई तो गोलमाल उजागर हुआ है, पंचायत सिर्फ 6 कार्यों पर खर्च किए गए 5 लाख 97 हजार 532 रुपए का ही हिसाब दे पा रही हैं। 30 परियोजनाओं पर काम कराए बिना और बिना अभिलेख को तैयार किए ही 30 लाख 20 हजार 137 रुपए निकाल लिए गए हैं। अब पिपरी रावत पंचायत को आखिरी मौका देते हुए जवाब मांगा गया है। साथ ही विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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विकास योजना की 30 लाख रुपए का बजट खर्च हो गया और अब पंचायत अभिलेख ही नही दे रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी मोती लाल ने बताया थिक गांव सभा में 36 लाख 17 हजार 669 रुपये का बजट खर्च हुआ था, पंचायतें सिर्फ 5 लाख 97 हजार 532 रुपये का ही अभिलेख दे रही हैं। 30 लाख 20 हजार 137 रुपये के खर्च का हिसाब ही नहीं दे रही हैं।
पिपरी राउत गांव में मनरेगा की 34 परियोजनाएं पर बजट खर्च हुआ है। लेनिक पंचायतों के पास सिर्फ 6 कार्य के ही अभिलेख हैं। कार्य वर्ष 2017-18 में कराए हैं और अभिलेख न मिलने से इसमें भी गोलमाल की आशंका जताई जा रही है।
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पंचायत में ग्राम निधि से 14 फरवरी 2018 से 7 नवंबर 2019 तक 24 लाख 89 हजार 20 रुपए निकाला गया। इसके साथ ही पहले भी एक अप्रैल 2016 से 13 फरवरी 2018 तक 11 लाख 28 हजार 649 रुपये निकाले गए। दो बार में 36 लाख 17 हजार 669 रुपए निकाले गए। निकाले गए बजट की जानकारी के लिए परियोजनाओं से जुड़े अभिलेख मांगे जा रहे हैं तो सिर्फ छह परियोजनाओं के अभिलेख ही मिले। इससे 5 लाख 97 हजार 532 रुपये के खर्च का ब्यौरा ही मिल सका है।
माना जा रहा है कि 30 लाख 20 हजार 137 रुपये का बजट कहां खर्च हो गया कुछ पता ही नही चल रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पंचायत को नोटिस जारी किया है और कहा कि यह वित्तीय अनियमितता है और अब विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गांव की प्रधान सीता पति व सचिव अजय कुमार को नोटिस जारी किया है। कहा है कि जांच से स्पष्ट है कि 30 लाख 20 हजार रुपये बिना कार्य कराए ही निकाल लिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि वित्तीय अनियमितता की गई है। मामले में अभी तो प्रधान व सचिव से ही जवाब मांगा गया है लेकिन जांच होने पर बड़े मामले के खुलासे की संभावना है। कई कर्मियों की गर्दन फंस सकती है।
सचिव व प्रधान से मांगा गया है जवाब
पिपरी रावत गांव में वित्तीय अनियमितता के मामले पर सचिव व प्रधान से जवाब मांगा गया है। अंतिम अवसर दिया गया है, इसके बाद विधिक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। -मोतीलाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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