अमर उजाला के कार्यक्रम में जुटी महिलाएं
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वैसे तो चुनाव में आने वाले सभी प्रत्याशी वोट मांगने के दौरान जनता से ढेर सारे वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतकर विधायक बनने के बाद जब इन वादों को पूरा करने की बारी आती है तो ये सारे वादे भूल जाते हैं। चुनाव लड़ने वाले इन नेताओं का न तो कोई विजन होता है और न ही विकास के प्रति कोई सोच होती है।
नेताओं की इस कार्यशैली से जनता हर बार ठगी जाती हैं लेकिन इस बार अपने विधायक के चयन को लेकर समाज के प्रबुद्ध वर्ग में जागरूकता देखी जा रही है। बुधवार को अमर उजाला के फोकस कार्यक्रम में जिले की प्रबुद्ध वर्ग की महिलाओं ने विधायक के चुनाव को लेकर अपने राय साझा की और स्वच्छ व शिक्षित विधायक के चयन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी।
बुधवार को दीनदयाल शोध संस्थान के जनशिक्षण संस्थान के सभागार में आयोजित अमर उजाला के फोकस ग्रुप कार्यक्रम में महिलाओं ने कहा कि अब सिर्फ चुनावी वादा करने वाला विधायक नहीं चलेगा। महिला की सुरक्षा को लेकर आज के जनप्रतिनिधि फिक्रमंद नहीं है। आज शहर के व्यस्ततम चौराहे पर भी महिलाएं व बेटियां सुरक्षित नहीं है और इन चौराहों पर राह चलते उन पर फब्तियां कसी जा रही है।
जनप्रतिनिधि को इन महिलाओं को बेटियों की सुरक्षा को लेकर सिर्फ वादा नहीं काम करना होगा। महिलाओं ने साफ सुथरी छवि वाले प्रत्याशी का चुनाव करने की वकालत करते हुए कहा कि विधायक वही जिसके पास विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपना विजन हो और वह इस विजन को मिशन में तब्दील कर सके। प्रत्याशी साक्षर नहीं बल्कि शिक्षित होना चाहिए और उसे योजनाओं की बेहतर प्लानिंग की समझ होनी चाहिए।
महिलाओं ने कहा कि भ्रष्ट्राचार, जातिवाद व परिवारवाद को बढ़ावा देने वाले नेताओं को चुनने के बजाय पढ़े लिखे व समझदार प्रत्याशी का चुनाव करना होगा तभी विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।