गोंडा। विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और उनके सहयोगियों को सेशन कोर्ट से फौरी तौर पर राहत मिल गई है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश ने अग्रिम तिथि तक अवर न्यायालय के एफआईआर दर्ज करने के आदेश का क्रियान्वयन स्थगित कर दिया है। कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 13 अक्तूबर 2025 मुकर्रर की है।
मनकापुर कोतवाली के ग्राम भिटौरा निवासी अजय सिंह ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें बताया कि उनकी पत्नी मनीषा सिंह के नाम बैनामाशुदा 16 डिसमिल भूमि का विपक्षियों ने तीन साल पुराने स्टांप पर बैकडेट में पुनः बैनामा कथित महिला मिथलेश रस्तोगी निवासी जवाहर नगर व शेष भूमि कांति सिंह निवासी ग्राम बेनीपुर के नाम करा दिया। साल 2024 में मनकापुर कोतवाली में केस दर्ज कराने पर राजनीतिक दबाव में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। न्यायालय के आदेश से केस की अग्रिम विवेचना हो रही है। दबाव बनाकर जमीन लेने के लिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मामले में 11 अगस्त 2025 को विशेष न्यायालय एमपी/एमएलए अपेक्षा सिंह ने मनकापुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को विदेश राज्यमंत्री समेत अन्य आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था।
राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने इस आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में निगरानी वाद प्रस्तुत कर पुनः सुनवाई की मांग की। कोर्ट ने निगरानी ग्रहण कर अवर न्यायालय की पत्रावली तलब करने का आदेश दिया। निगरानीकर्ता ने प्रार्थनापत्र देकर अवर न्यायालय के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की। सुनवाई के दौरान प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार ने अवर न्यायालय के 11 अगस्त को पारित आदेश का क्रियान्वयन अग्रिम तिथि 13 अक्तूबर 2025 तक स्थगित करने का आदेश दिया है।