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Gonda News: मंत्री जी! खाद नहीं मिल रही, फसल खराब हुई तो क्या खाएंगे बच्चे

Thu, 07 Aug 2025 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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साधन सहकारी समिति गौरा चौकी पर खाद के लिए सुबह तीन बजे से खड़ी महिलाएं। -संवाद
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गौराचौकी/धानेपुर/मोतीगंज(गोंडा)। दिन-रात मेहनत कर लोगों का पेट भरने वाले अन्नदाता आज धान की फसल बचाने के लिए भूख-प्यास व नींद को त्याग कर समितियों पर डटे हैं। घंटों खड़े रहने के बावजूद उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रही है। तस्वीरों में आप जो लंबी-लंबी कतारें देख रहे हैं, ये वो बेबस किसान हैं जो खाद के लिए सुबह तीन बजे से ही खड़े हैं।
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कैमरा क्लिक करते ही साधन सहकारी समिति गौरा चौकी पर लाइन में लगी फूलमती का दर्द छलक पड़ा। वह बोलीं- रात तीन बजे से लाइन में लगी हैं। 10 बजे तक एक घूंट पानी तक नहीं पीया। समिति पर ताला लगा है। उन्होंने कहा कि यदि धान की फसल बर्बाद हो गई तो बच्चे क्या खाएंगे। कृषि मंत्री व सिस्टम से यह सवाल सिर्फ फूलमती का ही नहीं बल्कि बेबस व लाचार किसानों का है, जो खाद के लिए लाइन में लगे हैं।
इसी समिति पर संध्या देवी, श्यामकली सहित 100 से अधिक महिलाएं तीन व चार बजे से लाइन में लगी हैं। गोदाम प्रभारी अमरजीत वर्मा ने बताया कि बुधवार शाम को 700 बोरी यूरिया आई है। 10 बजे के बाद बांटना शुरू किया गया है। पहले गन्ना समिति के सदस्य किसानों को खाद वितरित की जाएगी। उसके बाद अन्य किसानों को खाद मिलेगी। देर शाम तक वितरण होगा।
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वहीं, पीसीएफ कृषक सेवा केंद्र मोतीगंज में बृहस्पतिवार को दिन में 11:25 बजे ताला लगा था। ऐसे में भोर से लाइन में लगे किसान भड़क गए। उन्होंने समिति पर ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। किसान सुधीर यादव, राजू, रामअवतार, रामदत्त, ओमप्रकाश, कृपाराम, अवतारी, सुमना, हंसा आदि ने नाराजगी जताई। गोदाम प्रभारी विजय सिंह ने कहा कि भीड़ अधिक होने के कारण कहोबा पुलिस चौकी पर गए थे। पुलिस बल पहुंचने के बाद वितरण शुरू किया गया। मनकापुर गन्ना विकास समिति पर भी खाद के लिए किसानों की लाइन लगी रही।
यहां भी रहा संकट
साधन सहकारी समिति हथियागढ़ के किसानों ने विजय बहादुर की अगुवाई में डीएम को पत्र लिखकर पीओएस मशीन की जांच कराने की मांग की। ताकि पता चल सके कि कितने किसानों को कितनी बोरी यूरिया खारिज हुई। किसानों का बयान दर्ज किया जाए कि उन्हें किस रेट से यूरिया मिली है। वहीं, समिति के सचिव राजेंद्र कुमार यादव ने अध्यक्ष को पत्र लिखकर अवकाश की मांग की है।
मंडल में लक्ष्य से अधिक बांटी जा चुकी यूरिया

गोंडा। एक ओर खाद के लिए किसानों की लाइनें कम नहीं हो रही हैं। वहीं, विभाग का दावा है कि मंडल में लक्ष्य से अधिक खाद का वितरण किया जा चुका है। उपायुक्त सहकारिता अरविंद प्रकाश ने बताया कि मंडल में 338 समितियों से अगस्त तक 33,455 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष अभी तक 37,876 एमटी वितरण किय जा चुका है। गोंडा में 9,387 के सापेक्ष 14,201 एमटी, बलरामपुर में 6,160 के सापेक्ष 9,861 एमटी, बहराइच में 13,610 के सापेक्ष 10,180 एमटी तथा श्रावस्ती में 4,298 के सापेक्ष 4,388 एमटी यूरिया का वितरण किया जा चुका है। बफर गोदामों में 4,184 एमटी यूरिया डंप है। (संवाद)
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