गोंडा के नवाबगंज बिजली उपकेंद्र के पास डंप बालू।
गोंडा। अवैध बालू खनन का मामला बीते जून माह में भी उजागर हो चुका था। इसमें शामिल होने की जानकारी होने पर खनन निरीक्षक चंद्रप्रकाश जायसवाल को शासन ने निलंबित कर दिया था। खनन का मामला परसपुर आटा के कड़रू गांव में उजागर हुआ था।
वहां पर अवैध खनन रोकने गई टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इसके बाद यह मामला शासन तक पहुंच गया था। तत्कालीन निदेशक (भूतत्व एवं खनिकर्म) डॉ. रोशन जैकब ने टीम भेजकर जांच कराई तो खान निरीक्षक चंद्रप्रकाश जायसवाल की लापरवाही और संलिप्तता सामने आई। इसके बाद चंद्र प्रकाश जायसवाल को निलंबित कर दिया गया। परसपुर थाना क्षेत्र के कड़रू गांव में बीते 10 जून को अवैध मिट्टी खनन रोकने गए लेखपाल नीरज कुमार यादव पर खनन कर रहे लोगों ने हमला कर दिया था। इस मामले में लेखपाल ने जेसीबी चालक राकेश समेत 20 लोगों के खिलाफ खनन अधिनियम समेत कई संगीन धाराओं में परसपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की गूंज शासन तक पहुंची थी। उस समय तत्कालीन डीएम ने भी कार्रवाई करते हुए खनन का एक पट्टा भी निरस्त कर दिया था। उन्होंने तहसील के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर कहीं न होने पाए। अब प्रशासन ने और कड़ा रुख अपनाया है।