नवाबगंज (गोंडा)। बाढ़ का संकट देखते हुए प्रशासन ने ढेमवा मार्ग पर आवागमन रोक दिया है। दत्तनगर के पास से रोक के बाद भी स्टीमर व नाव भी चल रहे हैं। बृहस्पतिवार को नदी में स्टीमर चलती दिखी और लोगों का आवागमन जारी रहा। चौकी के दो सिपाही मौके पर पहुंचे और नाव का संचालन रोकने को कहा तो ग्रामीण व राहगीर नाराज हो गए और प्रदर्शन करने लगे। लोगो ने अपनी समस्याओं को बताते हुए नाव चलवाने की मांग की।
ढेमवा मार्ग पिछली बाढ़ से ही कटा हुआ है, लोग वैकल्पिक मार्ग से आवागमन कर रहे थे। इधर बाढ़ के चलते खतरा बढ़ गया तो प्रशासन ने मार्ग को पूरी तरह बंद करवा दिया, लेकिन मार्ग बंद करने से लोगों की समस्याएं और भी बढ़ गईं हैं। जिसपर ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों से नाव चलाने या पीपे का पुल की व्यवस्था की मांग किया।
बताया कि नौकरी, शिक्षा, व्यवसाय, मजदूरी, व्यापार से जुड़े लोगों को समस्या हो रही है। बहादुरपुर के बुधराम यादव व परास के विनोद यादव सहित आधा दर्जन दूध विक्रेताओं ने बताया कि उन्हें काफी परेशानी हो रही है। उनके जैसे करीब सैकड़ो कि संख्या में दूध विक्रेता हजारों घरो में दूध पहुंचाते हैं। यदि वे उस पार नहीं जाएंगे तो उनके घर कि रोजी रोटी बंद हो जाएगी।
दत्तनगर निवासी शिवम सिंह ने बताया की उस पार सोहावल के पीएनबी में उनका खाता है, कड़ौरा माझा की शिवानी सिंह ने बताया की उनकी तबीयत खराब है, वे उपचार के लिए सोहावल जा रही हैं, नाव बंद होने से अब उन्हें नवाबगंज जाना पड़ेगा। जो की काफी दूर है। वहीं, इस मार्ग से जिले में शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग में कार्य करने वाले लगभग 50 से अधिक कर्मियों के लिए भी बड़ा संकट पैदा हो गया है।