रांगी में मीटर की रीडिंग लेते रीडर। स्रोत: विभाग
गोंडा। देवीपाटन जोन में बिलिंग व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से पावर कॉर्पोरेशन ने मीटर रीडरों के लिए नए मानक तय किए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिमाह 1600 और शहरी क्षेत्र में 2000 बिलिंग करने पर मीटर रीडरों को निर्धारित मानदेय मिलेगा। साथ ही त्रुटिरहित ऑटोमेटिक बिलिंग पर विशेष जोर रहेगा।
जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती में लगभग 14.50 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। प्रत्येक उपभोक्ता तक समय से सही बिल पहुंचाने के लिए एजेंसी को नामित किया गया है। बिलिंग के लिए प्रोब व ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन तकनीक को अनिवार्य किया गया है। तय लक्ष्य पूरा करने वाले मीटर रीडरों को 12,500 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। शहरी क्षेत्र में न्यूनतम 80 प्रतिशत प्रोब या ओसीआर आधारित त्रुटिरहित बिलिंग अनिवार्य होगी। यदि लक्ष्य पूरा नहीं होता है, तो प्रोब या ओसीआर बिलिंग पर प्रति बिल छह रुपये और मैन्युअल बिलिंग पर चार रुपये का भुगतान किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत प्रोब या ओसीआर बिलिंग का लक्ष्य तय किया गया है। लक्ष्य पूरा न होने की स्थिति में निर्धारित मानदेय के स्थान पर मीटर रीडर को प्रोब या ओसीआर बिलिंग पर प्रति बिल 6.50 रुपये तथा मैन्युअल बिलिंग पर 4.50 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
पहले भी उजागर हुआ था फर्जीवाड़ा
25 अक्तूबर को ‘2,285 करोड़ रुपये पहुंची उपभोक्ताओं की बकायेदारी, फिर भी बिलिंग का खेल जारी’ तथा ‘पावर कॉर्पोरेशन : बिलिंग में चल रहा फर्जीवाड़ा’ शीर्षक से अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए व्यवस्था को सुधारने की कवायद की गई है।
800 से अधिक मीटर रीडरों को मिलेगा लाभ
नए मानकों से देवीपाटन जोन के 800 से अधिक मीटर रीडरों को लाभ मिलेगा। उन्हें कार्य के अनुरूप उचित पारिश्रमिक मिलेगी और उपभोक्ताओं तक समय से सही बिल पहुंचाना सुनिश्चित होगा। इससे बिजली बिल राहत योजना को भी गति मिलेगी।
— यदुनाथ यथार्थ, मुख्य अभियंता, देवीपाटन जोन