गोंडा। पंचायतों में नए साल में ग्रामीण युवक व युवतियों को डिजिटल लाइब्रेरी की सौगात मिलेगी। जिलेभर की सभी लाइब्रेरी को मिलकर कुल करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की किताबें रखी जाएंगी। इसकी खरीद-फरोख्त के लिए फर्म नामित करने के लिए सभी जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि जिले में कुल 194 पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए जरूरी कवायद की जा रही है। प्रत्येक लाइब्रेरी में कुल 1.80 लाख रुपये की किताबें मुहैया जाएंगी। इसमें जहां ग्रामीण इलाकों में रहने वाली बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रतियोगी परीक्षा की किताबें उपलब्ध होगी। वहीं, साहित्य, इतिहास समेत अन्य किताबें भी मुहैया होंगी। एनबीटी भारत सरकार के एक अहम संस्था है। यहां से सबसे अधिक 1.10 लाख रुपये की किताबें ली जाएंगी। इसमें से 90 हजार रुपये की किताबें आपूर्ति के लिए ऑर्डर किया जा चुका है। बाकी 20 हजार रुपये और किताबें मंगाने के लिए जरूरी प्रक्रिया चल रही है। 70 हजार की किताबें निजी प्रकाशकों से खरीदी जाएगी। डेढ़ महीने के भीतर आपूर्ति हो जाएगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की मिलेगी 80 किताबें
अधिकारियों ने बताया कि पढ़ाई लिखाई करके नौकरी की तैयार कर रहे युवक व युवतियों को लाइब्रेरी की स्थानीय स्तर पर सुविधा दी जाएगी। यहां प्रतियोगी परीक्षा में मददगार 80 तरह की किताबें खरीदी जाएंगी। इसी के साथ ही 254 एनबीटी की किताबें होंगी। इसके लिए विशेषज्ञों से भी राय ली गई है।
सीडीओ की सख्ती के बाद तेज हुई कवायद
ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने में देरी को लेकर सीडीओ अंकिता जैन ने डीपीआरओ लालजी दूबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की कवायद शुरू की गई है।