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दो दिन से पांच डिग्री पर टिका पारा हाड़ कंपाऊ ठंड से सिहरे लोग

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गोंडा में घने कोहरे में घर को जाती बुजुर्ग महिला। - फोटो : GONDA
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गोंडा। सर्द हवाओं, कोहरे और गलनभरी ठंड से हर कोई कांप रहा है। 12 दिसंबर को ठंड ने अपने तेवर दिखाए तो तेवर तीखे ही होते चले गए। स्थिति यह रही कि ठंड और कोहरे से लोगों की जान पर आफत आ गई है। एक हफ्ते से ठंड का कहर चल रहा है और लगातार गलन बढ़ती जा रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के संकेतों को मानें तो ठंड का सबसे तीखा हमला शुक्रवार और शनिवार को रहेगा। गुरुवार को भी कोई ढिलाई नहीं होगी। इन दिनों पारा न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। शनिवार को न्यूनतम पारा 3 डिग्री सेल्सियस होने का अनुमान है और इसे हांड़कंपाऊ ठंड और तीखी रहेगी। प्रशासन को भी ठंड के अनुमान की जानकारी है, लेकिन अलाव के कुछ इंतजामों से आगे कदम नहीं बढ़ा पाए हैं। अभी तक कंबल तक नहीं खरीदे जा सके ।
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ठंड का माहौल ऐसा है कि हर व्यक्ति महसूस कर रहा है कि घर से निकलने के बाद थोड़ी सी सावधानी बड़ी समस्या से घिर सकते हैं। बीते एक सप्ताह के ठंड पर गौर करें तो कई बच्चे ठंड में होने वाली बीमारी के शिकार हो चुके हैं। 500 से अधिक बच्चों और बुजुर्गों का इलाज सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सकों के यहां हो रहा है। डायरिया, पेट दर्द, सांस फूलने आदि की बीमारी के चपेट में आ चुके हैं। तीन बच्चों की मौत इन्हीं बीमारियों से हो चुकी है। ठंड से भले ही प्रशासन बच्चों की मौत नहीं मान रहा है, लेकिन इतना तो सच है कि बच्चों की बीमारी ठंड से ही बढ़ रही है। जिले में बच्चों को रोगों से बचाव के लिए चिल्डे्रन वार्ड तो तैयार है और वहां पर बच्चों को भर्ती कर इलाज भी कराया जा रहा है।
करीब 8 बच्चों के भर्ती होने की जानकारी है, इसके अलावा निजी चिकित्सकों के यहां बड़ी संख्या में बच्चे बीमारी का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इसी तरह बुजुर्गों का भी हाल है। इसी बीच निजी स्कूलों को तो बच्चों पर तरस आई है और प्रबंधन ने अवकाश घोषित कर दिया है, लेकिन सरकारी स्कूलों को खोलने का आदेश दिए जाने से बच्चों को फर्श पर बैठने से बीमारी बढ़ सकती है। प्राइमरी स्कूलों में बच्चों के बैठने का इंतजाम नहीं हैं और ठंड से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
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शिक्षकों की उपस्थिति के कारण बच्चों को भी स्कूल आने के लिए जोर डाला जा रहा है। एनआईएसयू के सिद्धार्थ शुक्ल ने कहा कि ठंड में बच्चों को राहत देने के लिए कार्य होना चाहिए। अगर ठंड से निजात का प्रबंध नही है तो बच्चों का अवकाश होना चाहिए। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार तक ठंड का तापमान और बढ़ रहा है। हर दिन न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस ही रहेगा। शनिवार को ठंड के तेवर अधिक तीखे होंगे।
ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं। कंबल का वितरण स्वयं सेवी संस्था के माध्यम से हो रहा है। सरकारी स्तर पर खरीद की प्रक्रिया की जा रही है। -आरआर प्रजापति, एडीएम
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