गोंडा। विकास भवन सभागार में बुधवार को मिनी नंदिनी समृद्धि योजना की लॉटरी निकाली गई। इसमें महिलाओं को मायूसी हाथ लगी, जबकि आठ पुरुषों का चयन किया गया। महिलाओं ने सीडीओ से आपत्ति का इजहार किया, लेकिन सॉफ्टवेयर से लॉटरी सिस्टम होने के कारण उन्होंने राहत देने से इन्कार कर दिया।
शहर के पंडितपुरवा निवासी आशा मिश्रा ने बताया कि योजना के तहत दूध डेयरी स्थापित करने के लिए आवेदन किया। मगर लॉटरी में किसी भी महिला को योजना का लाभ नहीं मिल सका। सभी पुरुषों का चयन किया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी शशि कुमार शर्मा ने बताया कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूरी निष्पक्षता से लॉटरी कराई गई। इसमें आठ किसानों का चयन किया गया।
इन किसानों को डेयरी स्थापित करने के लिए 15 प्रतिशत रकम खुद लगानी होगी। 35 प्रतिशत रकम लोन के तौर पर बैंक से मुहैया कराई जाएगी। बाकी 50 प्रतिशत रकम सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा। जिले को दुग्ध की कुल आठ इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए कुल 119 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। आवेदन पत्रों की जांच में 74 पात्र पाए गए। इन सभी आवेदकों को सीडीओ अंकिता जैन की अध्यक्षता में लॉटरी में शामिल किया गया। चयनित किसानों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से इकाई स्थापित किया जाएगा।
इनका हुआ चयन
परमापुर पूरेखाल चेतपुर निवासी सुरेंद्र तिवारी, सोनहरा के संदीप शुक्ल, डेहरास के शैलेंद्र कुमार, निकरोजा इस्माइलपुर के संजय कुमार सिंह, शेखापुर सेमरा दम्मन के तुलसीराम शर्मा, खैरा के इंद्रसेन भारती, रंजीत भारती और परसा सोहरसा विशुनपुर बैरिया निवासी मेवाराम का चयन किया गया।