गोंडा। जिला अस्पताल में अब बाहर की दवाएं लिखना डॉक्टरों के लिए महंगा पड़गा। जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाने हुए कहा कि सभी डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी एक सप्ताह के भीतर अपने पुराने रवैये को सुधार लें अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। डॉक्टरों को बाहर की दवाएं न लिखने की सख्त चेतावनी देेते हुए प्रभारी अधीक्षकों को स्थानीय सीएचसी पर निवास करने का निर्देश दिया।
शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कड़ी चेतावनी दी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला टास्क फोर्स समिति (मिशन इंद्रधनुष एवं पल्स पोलियो अभियान) की बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य विभाग की यह पहली बैठक है, इसलिए एक सप्ताह में सभी अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी अपने पुराने रवैये मे सुधार लाएं नहीं तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई से परहेज नहीं किया जाएगा। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने प्रभारी अधीक्षकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने-अपने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निवास करें तथा अस्पतालों में साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के साथ दवाओं की उपलब्धता व कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने सरकारी डॉक्टरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा यदि मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने की शिकायतें मिली तो संबंधित के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारी, कर्मचारियों की सूची मांगी
समिति की बैैठक में जिलाधिकारी ने सीएमओ से जिला अस्पताल, महिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी प्रभारियों एवं वहां पर तैनात कर्मचारियों का ब्यौरा तलब किया है। साथ ही डीएम ने नियमित टीकाकरण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव, टीकाकरण सत्रों के सफल आयोजन को लेकर सही ड्यू लिस्ट अपडेट करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अब स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा सीएचसी वार की जाएगी तथा फिसड्डी रहने वाले चिकित्सा प्रभारी को दंडित भी किया जाएगा। आगामी सात मार्च से शुरू होने वाले मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम की तैयारियों को समय से पूरा कराकर कार्यक्रम का क्रियान्वयन विधिवत कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने सीएचसी वार समीक्षा की तो स्वास्थ्य कार्यक्रमों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग के सभी पैरामीटर में सुधार लाएं। आशाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जवाबदेही भी तय की जाय तथा निष्क्रिय कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराई जाय। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया।
बैठक में सीडीओ शशांक त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. आरएस केसरी, सिटी मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता, डीपीआरओ रोहित भारती, बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह, डीपीओ मनोज कुमार, डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह, डॉ. टीपी जायसवाल, डॉ. जय गोविंद आदि रहे।