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मरीजों को बांट दीं 1.20 लाख अद्योमानक दर्द निवारक दवा

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ोटो-10 गोंडा के मेडिकल सप्लाईज कारपोरेशन ड्रग वेयर हाउस में रखी दवाएं। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्ता विहीन दर्द निवारक टैबलेट बांटे जाने का मामला सामने आ गया। जिला अस्पताल (महिला) समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को दिए जाने वाले एक्लोफिनेट (दर्द निवारक दवा) गुणवत्ता विहीन पाई गई। जब तक इसकी जानकारी हो पाती, तब तक मरीजों को एक लाख 20 हजार टैबलेट बांट दी गई। बता दें कि 8 अगस्त को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से इस दवा के बांटने पर रोक लगाई गई है।
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सरकारी अस्पतालों में अद्योमानक दवाएं बांटकर मरीजों के सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की आपूर्ति उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कारपोरेशन के गोदाम से की जाती है। जिले में गोदाम पर 14 फरवरी 2022 को एक लाख बीस हजार टैबलेट एक्लोफिनेट (दर्द निवारक दवा) की आपूर्ति की गई थी।
बाद में ये दवाएं सरकारी अस्पतालों को भेजी गई। तभी अंबेडकरनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बसखारी से औषधि निरीक्षक ने एक्लोफिनेट टैबलेट का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के राजकीय विश्लेषक की जांच में दवा मानकविहीन पाई गई।
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एक्लोफिनेट टैबलेट का नमूना फेल होने से छूटे पसीने
रिलीफ बायोटेक की ओर से दी गई एक्लोफिनेट (दर्द निवारक दवा) टैबलेट का नमूना फेल होने से स्वास्थ्य महकमा के पसीने छूट गए। कारपोरेशन के जीएम (गुणवत्ता नियंत्रक) ने आठ अगस्त 2022 को ड्रग वेयर हाउस प्रभारी को पत्र लिखकर दवाओं के वितरण पर रोक लगाए जाने को कहा गया। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्रों को दी दवाओं की वापसी करने का आदेश दिया।
ड्रग वेयर हाउस प्रभारी मनीष उपाध्याय ने बताया कि 14 फरवरी को एक लाख 20 हजार टैबलेट एक्लोफिनेट की आपूर्ति हुई थी। अप्रैल तक ये सभी दवाएं जिला अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भेज दी गईं थीं। कारपोरेशन की ओर से पत्र मिलने पर दवाओं के वापसी के लिए कहा गया। स्वास्थ्य केंद्रों से दवा की वापसी नहीं हुई। ऐसे में माना जाता है कि मानकविहीन दर्द निवारक के सभी टैबलेट मरीजों में बांट दी जा चुकी है। जानकारों का कहना है कि मानकविहीन दवाओं के सेवन से मरीजों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
कई और दवाओं पर भी शक, नमूने भेजे गए
औषधि निरीक्षक राजिया बानो ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति होने वाली दवाओं की गुणवत्ता में कमी की संभावना को देखते हुए जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में मरीजों को बांटी जाने वाली दवाओं में से कुछ दवाओं व इंजेक्शनों के अद्योमानक होनेे की आशंका को देखते हुए करीब एक दर्जन दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजा गया है। हालांकि अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है।
मेडिकल सप्लाईज कारपोरेशन की ओर से दी गई मानकविहीन दवाओं के बांटे जाने का मामला सामने आया है। जिसकी जानकारी उच्च स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई है। डॉ. अनिल मिश्र, अपर निदेशक स्वास्थ्य
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