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जिला अस्पताल को 20 लाख रुपये की चपत लगाने का भण्डाफोड़

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गोंडा के जिला अस्पताल परिसर में खड़ा सामान लदा ट्रक। - फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला अस्पताल में बिना डिमांड के करीब 20 लाख रुपये की चपत लगाने के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। जिला अस्पताल की ओर से बिना कोई ऑर्डर किये ही फर्जी प्रपत्रों पर बिना डिमांड वाली सामग्री ट्रक पर लोड कर अस्पताल को भेज दिये जाने का खुलासा हुआ है। तीन दिन तक सीएमएसडी स्टोर पर ट्रक खड़ा रहा। स्टोर इंचार्ज को कोई प्रपत्र न दिखाये जाने व मांगी गई सामग्री से अलग सामग्री होने पर स्टोर इंचार्ज ने सामग्री लेने से हाथ खड़ा कर दिया। इसके बाद सामग्री समेत ट्रक वापस चला गया।
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जिला अस्पताल परिसर में बने केंद्रीय औषधि भंडार पर चार दिन पूर्व एक ट्रक पर लदी कुछ मेडिकल सामग्री आयी थी। ट्रक चालक ने स्टोर इंचार्ज को मेडिकल सामग्री उतरवाने का आग्रह किया। ट्रक चालक के पास कोई प्रपत्र न दिये जाने से उस सामग्री को उतरवाया नहीं गया। ट्रक चालक प्रपत्र लेकर आने वाले व्यक्ति का इंतजार भी करता रहा, लेकिन कोई भी व्यक्ति प्रपत्र लेकर नहीं आया। जिला अस्पताल के सूत्रों की मानें तो विभाग के कुछ लोगों की मिलीभगत से ड्रग माफिया की ओर से फर्जी ऑर्डर के नाम पर करीब 20 लाख रुपये कीमत का गद्दा, सिलेंडर व ट्रॉली आदि ट्रक पर लोडकर भेजा गया। जिसका विभाग से कोई लेना देना नहीं है। इस खेल में विभाग के कुछ कर्मचारियों को ही मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इस बारे में केंद्रीय औषधि भंडार के इंचार्ज घनश्याम पांडेय का कहना है कि एक ट्रक पर जो सामान भेजा गया था विभाग की ओर से उसे मंगाया ही नहीं गया था। दूसरी ओर ट्रक पर जो माल आया था उसकी जिला अस्पताल को कोई जरूरत भी नहीं है। उन्होंने बताया ट्रक चालक की ओर से इस बारे में कोई कागज भी नहीं दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक ने बताया कि जो साहब साथ में आये हैं वह कुछ देर में आ रहे हैं, लेकिन न वह लौटे न ही कोई कागज आया। इस आधार पर सामग्री को उतरवाया नहीं गया कुछ दिन ट्रक खड़ा था फिर वापस लौट गया।
विभागीय कर्मियों पर घूमी शक की सुई
एक ट्रक पर बिना आर्डर के मेडिकल सामग्री भेजे जाने के मामले में विभागीय अधिकारियों के शक की सुई विभाग के ही कुछ चुने मास्टर माइंड कर्मियों पर घूम गई है। विभाग के कई डॉक्टर व अधिकारियों का मानना है कि कुछ कर्मी अपने फायदे के लिए खेल कर रहे हैं। हालांकि अभी विभागीय अधिकारियों की ओर से इस बारे में शासन को कोई पत्र नहीं भेजा गया है। कुछ अधिकारियों का मानना है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके।
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फर्जी ऑर्डर पर भेजी गई थी सामग्री
जिला अस्पताल को जो सामग्री भेजी गई वह फर्जी आर्डर पर भेजी गई थी। इसी वजह से उसे उतरवाया नहीं गया। जो सामग्री मंगाई गई थी ट्रक पर लदी सामग्री उससे अलग थी। बिना किसी प्रपत्र के मेडिकल सामग्री भेजे जाने पर उसे नहीं लिया गया। दो-तीन दिन ट्रक खड़ा रहा फिर वह वापस चला गया। बिना ऑर्डर व प्रपत्र के मेडिकल सामग्री को भेजे जाने का काम कैसे व किसके कहने पर हुआ है इसकी जांच होने पर सच्चाई सामने आएगी। - डॉ.मलिक आलमगीर एसीएमओ।
मामले की जांच करायी जाएगी
कोई भी मेडिकल सामग्री जीएम पोर्टल से मंगाये जाने का नियम है अभी तक उनकी ओर से कोई भी ऐसी सामग्री का ऑर्डर नहीं दिया गया है। बताया गया है कि कुछ दिन पूर्व जिला अस्पताल में कुछ गैर जरूरी सामग्री लदा ट्रक आया था। जिसे स्टोर इंचार्ज ने प्रपत्र न दिखाये जाने पर रिसीव नहीं किया। बिना मंगाये फर्जी तरीके से मेडिकल सामग्री कैसे आ गई इसकी जांच करायी जाएगी। -डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ गोंडा।
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