परसपुर। चरसड़ी डीहा निवासी लापता राजमिस्त्री परमजीत निषाद का शव करीब 36 घंटे बाद शनिवार को घर के पास स्थित बिरुआ तालाब से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति से भूमि संबंधी विवाद के चलते रंजिश में परमजीत को तालाब में डुबोकर मारने की आशंका जताई। इससे कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति रही।
बृहस्पतिवार रात से लापता परमजीत की तलाश में शनिवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा अभियान शुरू किया। तालाब में जलकुंभी अधिक होने के कारण तलाश में परेशानी आ रही थी। इसके बाद विकासखंड के करीब 75 सफाई कर्मचारियों को लगाकर जलकुंभी हटवाई गई। सर्च अभियान के दौरान करीब 12:10 बजे परमजीत का शव बरामद हुआ।
शव मिलने की सूचना पर एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय और सीओ आनंद राय मौके पर पहुंचे। परिजनों ने भूमि विवाद में अनहोनी की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।सीओ आनंद राय ने बताया कि सूचना के आधार पर परमजीत का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारणों का पता चलेगा। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। नायब तहसीलदार परसपुर बलराम शर्मा, राजस्व निरीक्षक धनावा करुणेश कुमार और लेखपाल रामनिवास भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद नियमानुसार चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
परमजीत ने बोला था- अम्मा बचाओ
मृतक के पिता धनीराम और मां माया ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात उन्हें तालाब की ओर से परमजीत की आवाज सुनाई दी। उसने चार बार ‘अम्मा बचाओ’ पुकारा। इसके बाद परिजन टॉर्च लेकर तालाब की ओर पहुंचे लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण कुछ दिखाई नहीं दिया। धनीराम ने तालाब में उतरकर तलाश की लेकिन परमजीत का पता नहीं चला। इसके बाद शुक्रवार से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
बेटे का शव देख बेसुध हुई मां
शव मिलने के बाद मां माया, पिता धनीराम, बुआ मंजू और भाई-बहनों समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिवार की महिलाएं कई बार बेसुध हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। सपा के प्रदेश सचिव दिग्विजय सिंह भी मौके पर पहुंचे।