कैश की किल्लत का सहालग पर भी खासा असर पड़ रहा है। जिनके यहां शादी है वहां कैश की किल्लत ने खुशियों को फीका कर दिया है। शादी में खुशियों का माहौल होने के बावजूद लोगों के चेहरे से मुस्कान गायब है। एक दूसरे को विदाई व गिफ्ट देने में भी झेंप का सामना करना पड़ रहा है।
शादी-ब्याह के इस सीजन में जिनके घर शादी है उन्हें क्या पता था कि पैसा होते हुए भी वह खाली हाथ हो जाएंगे। जिन लोगों ने शादी समारोह के लिए पैसे के पहले से मिलेजुले नोटों का इंतजाम कर रखा था उनका आधा पैसा दो बेकार हो गया।
छोटे नोटों से लेनदेन आदि में काम चलाया। बाकी स्थान पर समय आने पर अदा करने की हाथ जोड़ दुहाई देने से काम चलाना पड़ा। शादी में खाना बनाने वाले और टेंट लगाने वाले को बाद में पैसे देने की बात सामने आ रही है। इसी तरह अन्य कार्यक्रमों लिए भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केस-1
शहर के बहराइच रोड एक होटल में शादी थी। लेकिन शादी में वह चमक दमक पैसे की किल्लत से नही दिखी। लोगों के जोशोखरोश पर कैश की किल्लत का असर भारी पड़ रहा है। होटल के मैनेजर ने कहा कि मूड ऑफ है अब जिसके घर शादी है वह कहते हैं कि भाई कैश तो है नही, चेक काट कर भुगतान करेंगे। जबकि जो शादी की शहनाई बजा रहे थे उनके चेहरे पर भी माल न मिल पाने का असर दिख रहा था। उनकी धुन पर बड़े-बड़े नोट दिखाकर डांस कर के दूल्हे के नाम का न्योछावर लुटाने वाले नही दिख रहे थे। दूल्हे व उसके घर वालों का उस अंदाज में लोग स्वागत करते नही दिखे।
केस-2
नगर के पंत नगर में एक घर में शादी थी। लेकिन अचानक कैश की दिक्कत क्या हुई मानो उन लोगों के सामने बड़ी मुसीबत आ गई। रिश्तेदारों व घर के लोगों को दूल्हे को कैश सौगात देने में झेंप महसूस हुई। जिन लोगों ने दूल्हे को 500 व 1000 के नोट देेने की सोच रखी थी उन्हें मायूस होना पड़ा। किसी ने दूल्हे को कम देकर बाद में देने तो किसी ने पुराने नोट को जमा कर चला लेने की बात कही। इसके अलावा अन्य कामों में कैश की किल्लत काफी आड़े आयी।