स्कूल में छुट्टी के बाद सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले शिक्षक संगठनों ने एकजुटता दिखाई। इस दौरान संगठनों के जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय, आनंद त्रिपाठी, विनय तिवारी, अनूप सिंह, किरन सिंह, अजीत सिंह, अवधेशमणि मिश्र की अगुवाई में अलग-अलग संगठनों के शिक्षक और शिक्षिकाओं ने पैदल मार्च निकाला। सरकार विरोधी नारेबाजी भी की। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष आनंद कुमार त्रिपाठी की अगुवाई में शिक्षक संगठनों ने सिटी मजिस्ट्रेट विजय शर्मा व एसडीएम राजीव मोहन सक्सेना को अलग-अलग ज्ञापन सौंपा।
शिक्षकों ने कहा कि अधिकारियों की तरह ही शिक्षकों को सुविधाएं दी जाएं। द्वितीय शनिवार और अर्द्ध आकस्मिक अवकाश के अलावा पुरानी पेंशन बहाली, राज्य कर्मचारियों की तरह 31 उपार्जित अवकाश, निशुल्क चिकित्सा सुविधा समेत अन्य मांगें रखी गईं। मांगें पूरी होने तक ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था न लागू किए जाने की बात कही।
ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में शिक्षकों ने सोमवार को संकुल पद से सामूहिक इस्तीफा दिया। मुजेहना और करनैलगंज बीआरसी पहुंचकर शिक्षकों ने कहा कि दो वर्षों से शिक्षक पद के अतिरिक्त संकुल शिक्षक के दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। मगर वर्तमान समय में शिक्षक समस्याओं का समाधान किए बिना ऑनलाइन उपस्थिति का अव्यवहारिक आदेश जारी किया गया है। अब विद्यालय में रहकर शैक्षिक कार्य करना चाहते हैं। ऐसे में मुजेहना के 40 और करनैलगंज के 43 शिक्षकों ने संकुल पद से त्यागपत्र दिया है। इस दौरान प्रेम प्रकाश सोनकर, मनमोहन कुमार श्रीवास्तव, सुजीत त्रिपाठी, हरी ओम शास्त्री, विमल कुमार, नेहा सिंह, प्रदीप कुमार, संतोष, कैलाश नाथ शुक्ल, अवधेश कुमार और रमन कुमार आदि शिक्षक मौजूद रहे।