भारी भरकम खर्च के बाद भी परिषदीय विद्यालयों का शैक्षिक स्तर दिनोंदिन बदतर होता जा रहा है। वेतन में मोटी रकम लेने वाले गुरू जी स्कूलों का शैक्षिक वातावरण सुधारने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। बुधवार को डीएम ने परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया तो कुछ ऐसे ही हालात नजर आए।
किसी विद्यालय में डेढ़ महीने से एमडीएम का चूल्हा बुझा मिला तो कहीं बच्चों को मौसमी फल का वितरण नहीं किया जा रहा है। बुधवार को डीएम प्रीति शुक्ला ने सदर शिक्षा क्षेत्र के कुछ विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय हरवंशपुर में बच्चों ने डीएम को बताया कि विद्यालय में 20 मई से एमडीएम नहीं बना है।
गत सोमवार को स्कूल में फल का वितरण भी नहीं किया गया। यही हाल जूनियर हाईस्कूल हरवंशपुर का भी मिला। प्राइमरी स्कूल हरवंशपुर में 55 तथा जूनियर हाईस्कूल हरवंशपुर में मात्र आठ बच्चे मौजूद मिले। डीएम ने नाराजगी जताते हुए दोनों स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया।
डीएम ने डीएसओ तथा बीएसए को विद्यालयों में एमडीएम न बनने की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्र हरवंशपुर का जर्जर भवन देख डीएम ने कार्यकर्त्री व सहायिका को भवन के भीतर नहीं जाने का निर्देश दिया। भवन बनाने वाली निर्माण एजेंसी की जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश भी उन्होंने दिया।
जूनियर हाईस्कूल नंदनगर अचानकपुर में डीएम को 80 बच्चों के सापेक्ष 16 बच्चे ही मौजूद मिले। डीएम ने प्रधानाध्यापक को स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि बुधवार को सभी एसडीएम व बीडीओ अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। जिसके आधार पर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।