गोंडा। जिले में खाद की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापा मारकर 22 नमूने लिए गए। चार दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस व एक का लाइसेंस निलंबित किया गया। कुल 40 उर्वरक की दुकानों पर छापा मारा गया।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही के निर्देश पर शनिवार को जिले में उर्वरक निरीक्षकों की टीम बनाकर सभी तहसीलों में एक साथ उर्वरक की दुकानों पर छापा मारा गया। जिसमें जनपद के कुल 40 दुकानों पर सघन छापेमारी करते हुए 22 नमूने लिए गए तथा चार दुकानदारों के अभिलेख पूर्ण होने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक दुकानदार का लाइसेंस निलंबित किया गया।
डीएम द्वारा जिले में जिला कृषि अधिकारी एवं भूमि संरक्षण अधिकारी की टीम बनाकर तहसीलवार उर्वरक के प्रतिष्ठानों पर छापे की कार्रवाई कराई गई जिसमें जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव सदर एवं करनैलगंज तथा सदानंद चौधरी भूमि संरक्षण अधिकारी को तरबगंज एवं मनकापुर में छापेमारी हेतु भेजा गया।
जिसके क्रम में जिला कृषि अधिकारी द्वारा दोनों तहसीलों से मिलाकर 12 नमूने लेते हुए 24 दुकानों की जांच की गई जिसमें सोनी खाद भंडार खरगूपुर के द्वारा दुकान बंद करके भाग जाने के कारण लाइसेंस निलंबित किया गया एवं आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र खरगूपुर तथा गुप्ता खाद भंडार खरगूपुर की अभिलेख अपूर्ण पाए जाने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसी क्रम में भूमि संरक्षण अधिकारी द्वारा तरबगंज में एवं मनकापुर में छापे की कार्रवाई करते हुए बलेसर गंज में शुक्ला खाद भंडार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया एवं परसदा बाजार में कृषि सुरक्षा केंद्र को भी कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कुल 10 नमूने गर्हित किए गए।
डीएम द्वारा बताया गया कि खरीफ़ का समय शुरू हो चुका है। समस्त दुकानदार सचेत हो जाएं एवं निर्धारित रेट पर उर्वरकों की बिक्री करें तथा पास मशीन के माध्यम से ही उर्वरक को बेचे।
अन्यथा यह कार्यवाही बराबर चलती रहेगी और जिसके खिलाफ भी कोई गड़बड़ी पाई जाएगी जाएगी उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।