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पूना से आएगा सैनिक बेटा, तब उठेगा आठ लोगों का जनाजा

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गोंडा। टिकरी के ठठेर पुरवा में मंगलवार की रात सिलेंडर में हुए विस्फोट से टिकरी के तीन किलोमीटर का दायरा गूंज उठा। धमाके की आवाज से लोग से लोगों की नींद टूट गई। हर कोई किसी बड़े हादसे को लेकर चिंतित हो गया। धमाके के कुछ ही देर बाद पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए टिकरी की ओर दौड़ती रहीं।
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सायरन की आवाज से लोग कयास लगाते रहे। बाद में पता चला कि ठठेर पुरवा के रहने वाले नूरुल हसन के घर में सिलेंडर विस्फोट में आठ लोग मारे गए हैं और सात लोग घायल हुए हैं। विस्फोट में नूरूल हसन समेत दो लोगों के मकान जमींदोज हो गए।
नूरूल हसन का एक बेटा पूना में थल सेना में तैनात है। परिवार के आठ लोगों की मौत की खबर उसे भी भेज दी गई है। सैनिक बेटे के आने के आने के बाद ही परिवार के आठ लोगों का जनाजा एक साथ उठेगा।
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थाना वजीरगंज क्षेत्र के टिकरी के ठठेरन पुरवा में मंगलवार की रात तकरीबन 10 बजे खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में हुए विस्फोट नूरूल हसन के परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए।
हादसे में नूरुल हसन के आठ कमरों का दो मंजिला मकान समेत पड़ोस के रहने वाले फकीर मोहम्मद के मकान ध्वस्त हो गए। पास के ही रहने वाले सोमनाथ के मकान को भी नुकसान हुआ है। विस्फोट की आवाज से टिकरी के तीन किलोमीटर का दायरा गूंज उठा।
विस्फोट की आवास से लोगों की नींद टूट गई। लोग घरों से बाहर निकलकर किसी बड़े हादसे की संभावना को लेकर चिंतित थे। इसी बीच पुलिस की सायरन बजाती गाड़ियां जब टिकरी की तरफ दौड़ती नजर आईं तो लोगों ने अंदाजा लगा लिया कि टिकरी में कोई बड़ा हादसा हुआ है।
कुछ ही देर बाद लोगों को पता चला कि टिकरी के ठठेर पुरवा में सिलेंडर विस्फोट में आठ लोगों की मौत हो गई है। जबकि इस धमाके में सात लोग घायल हुए हैं। नूरूल हसन ने बताया कि चूड़ी और तम्बाकू के कारोबार से पूरा परिवार का भरण पोषण चल रहा था। बेटी रूबीना बानो की शादी मोतीगंज थाना क्षेत्र के बेलावां गांव के रहने वाले मोहम्मद आरिफ के साथ हुई थी।
बेटी रूबीना बानो भी बच्चों संग अपनी ससुराल से आई थी। परिवार के सभी लोग इकट्ठा थे, परिवार में खुशी का माहौल था। मगर क्या पता था कि एक साथ परिवार के इतने लोगों की मौत का मातम मनाना पड़ेेगा।
नूरुल हसन ने बताया कि उनका बेटा शहजाद उर्फ राजू भारतीय थल सेना में है। मौजूदा समय में पूना में उसकी तैनाती है। बेटे को खबर भेज दी गई है। बेटे के पहुंचने के बाद ही परिवार आठ लोगों का जनाजा एक साथ उठेगा।
थाना वजीरगंज क्षेत्र के टिकरी के ठठेर पुरवा में नूरुल हसन के घर में मंगलवार को हुए सिलेंड विस्फोट में परिवार के आठ लोगों की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा है।
लोगों की चीत्कार से ठठेर पुरवा का जर्रा जर्रा गम में डूब गया है। नूरुल के रिस्तेदारों के साथ ही दोस्त घर पहुंचकर परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने में लगे हैं। मगर रह-रहकर नूरुल के घर से उठ रही चीत्कार से लोग परिवार के लोगों को खुदा की मर्जी बता कर समझाने के प्रयास में जुटे हैं।
टिकरी के ठठेरपुरवा के रहने वाले नूरुल हसन के परिवार के लोग वर्ष 2016 से पहले आतिशबाजी का कारोबार करते थे। परिवार के इमाम अली के नाम से आतिशबाजी का लाइसेंस भी स्वीकृत था।
मगर वर्ष 2016 में इमाम अली की मृत्यु हो गई। इसी बाद से इस परिवार में आतिशबाजी का कारोबार बंद हो गया। मनिहार बिरादरी से होने के कारण परिवार के लोगों ने भरण पोषण के लिए इसके बाद चूड़ी व तंबाकू का कारोबार शुरू कर दिया। तभी से पूरे परिवार की जीविका का साधन चूड़ी व तंबाकू का कारोबार ही है। नूरूल हसन की रघुराज नगर टिकरी में चूड़ी की दुकान भी है।
थाना वजीरगंज क्षेत्र के टिकरी के ठठेर पुरवा में सिलेंडर विस्फोट मंगलवार की रात तकरीबन दस बजे हुआ। जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। मौके पर आईजी, एसपी डीएम समेत पूरा प्रशासनिक अमला पहुंचा। अधिकारियों ने जांच के आदेश किए।
मगर 20 घंटे बाद भी बुधवार की शाम छह बजे तक मलबा नहीं हटाया जा सका। जिससे जांच के लिए मौके पर पहुंची फॉरेंसिंक टीम ने जांच तो शुरू की। मगर विस्फोट के कारणों तक नहीं पहुंच सकी।
हालांकि मंगलवार की रात रेस्क्यू में तीन जेसीबी मशीनों को लगाया गया था। मगर सुबह तीनों चालक जेसीबी लेकर चले गए। इससे बुधवार की शाम छह बजे तक मलबा नहीं हटाया जा सका। मौके पर पुलिस ने लोगों को बताया कि जेसीबी मंगाई गई है। आते ही मलबा हटाने का काम शुरू करा दिया जाएगा।
थाना वजीरगंज के टिकरी के ठठेरपुरवा में सिलेंडर विस्फोट के बाद तीन घंटे तक पुलिस ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। मंगलवार की रात दस बजे विस्फोट होने के बाद पुलिस टीम ने साढ़े दस बजे रेस्क्यू शुरू कर दिया। इसके लिए अलग-अलग तीन जेसीबी मशीन लगाई गई।
जिससे मलबा हटाकर नीचे दबे हुए लोगों को निकाला गया। रात तकरीबन साढ़े बारह बजे तक सभी को बाहर निकाल लिया गया। जिसमे आठ लोगों की मौत हो गई। जबकि सात घायलों को पहले सीएचसी नवाबगंज पहुंचाया गया। बाद में जिला अस्पताल भेज दिया गया।
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