प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश यादव ने बताया कि 28 जून 2024 को नगर कोतवाली के जय महल कॉलोनी निवासी अनुपा मिश्रा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ह्वाट्सएप पर टास्क कमीशन आधारित पार्ट टाइम जॉब के नाम पर पहले छोटे-छोटे रुपये बैंक खाते में भेजकर विश्वास में लिया गया। बाद में अधिक मुनाफे का झांसा देकर किस्तों में लगभग 5.23 लाख रुपये निवेश कराकर हड़प लिए गए।
साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पता चला कि गिरोह कई राज्यों में इसी प्रकार की ठगी कर चुका है। साइबर सेल के सहयोग से साक्ष्य जुटाकर रमेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में रमेश ने बताया कि उसका गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के कमीशन के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर डेबिट कार्ड, चेकबुक और खाते से लिंक सिम कार्ड भी ले लेता है। इन खातों का उपयोग चीन से संचालित गिरोह की ओर से किया जाता है। मुख्य कार्यालय कंबोडिया में है।
गिरोह के सदस्य पार्ट टाइम जॉब व डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी कर पैसा इन्हीं बैंक खातों में ट्रांसफर कराते हैं। इसमें से 20 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष धनराशि से क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) खरीदी जाती है। खुलासे में हेड कांस्टेबल मोहन यादव, आदित्य कुमार शाह, अजय कुमार यादव और अर्चना यादव ने सक्रिय भूमिका निभाई।