गोंडा। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर पत्रकार रंजीत तिवारी की मौत के मामले में बुधवार से मजिस्ट्रेटी जांच शुरू होगी। जांच में हादसे के कारणों की गहराई से पड़ताल कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी। उधर, पुलिस ने भी मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि बीते शुक्रवार सुबह जेल रोड स्थित साउथ फीडर की 11 केवी हाईटेंशन लाइन पथवलिया गांव में अचानक टूटकर गिर गई थी। इसकी चपेट में आने से पत्रकार रंजीत तिवारी की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई थी।
परिजनों का आरोप है कि जर्जर तारों को हटाने के लिए संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ताओं से धन जमा कराने की बात कही जाती रही।
मृतक के भाई अमरजीत की तहरीर पर जेई से लेकर मुख्य अभियंता तक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के लिए समिति गठित की है।
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया कि संबंधित विभागों के अधिकारियों को तलब कर आवश्यक जानकारी ली जाएगी। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है।
जमीन पर झूलते तार, कागजों में मेंटेनेंस
डुमरियाडीह और वजीरगंज क्षेत्र में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। अधिकारियों द्वारा मार्च में अनुरक्षण कार्य के दावे किए जा रहे हैं, जबकि हकीकत में हाईटेंशन तार जमीन तक झूल रहे हैं। हाथीपुरवा गांव में घरों के ऊपर लटकते तार किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार तारों के आपस में टकराने से चिंगारियां निकलती हैं। खेतों में लगे ट्रांसफार्मर के पोल में करंट उतरने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति
पोर्टरगंज के पथवलिया डिहवा में हालात और भी बदतर हैं। यहां बांस-बल्ली के सहारे स्मार्ट मीटर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं बेहद कमजोर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण तक नहीं करते, जिससे खतरा लगातार बना हुआ है।
आबादी क्षेत्रों में लाइनों का सर्वे शुरू
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि आबादी वाले क्षेत्रों में पुरानी लाइनों के कारण खतरा बढ़ गया है। अवर अभियंताओं के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है और जल्द ही लाइनों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।