गोंडा। अप्रैल में ही जून जैसी झुलसाने वाली गर्मी पड़ने लगी है। सुबह आठ बजे से ही तेज धूप लोगों को परेशान करने लगती है। मंगलवार को भी लोग गमछे के सहारे धूप से बचते नजर आए। वहीं, पेयजल के इंतजाम दुरुस्त नहीं हैं। महिला अस्पताल परिसर में शीतल जल की टोटियां सूखी पड़ी हैं, जबकि पास में लगे नगर पालिका के वाटर कूलर से भी पानी नहीं निकल रहा है। ऐसे में राहगीरों और मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी के कारण लोग बेहाल हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर 12 से तीन बजे के बीच तेज गर्मी का असर अधिक रहा। हालांकि बीच-बीच में हवा चलने से थोड़ी राहत मिली।
अप्रैल में ही इस तरह की गर्मी से लोग चिंतित हैं। दीनदयाल, राजेश, अजीत और शिवकुमार का कहना है कि इस बार गर्मी अधिक पड़ने की आशंका है। उनका कहना है कि अभी से यह हाल है तो मई और जून में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
वहीं, जिला महिला अस्पताल में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। यहां टोटियां सूखी पड़ी हैं। अस्पताल के सामने नगर पालिका की ओर से बीते वर्ष लगाया गया वाटर कूलर भी ठंडा पानी देने में नाकाम है।
गर्मी में सलाद अधिक खाएं
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की डॉ. काव्या के अनुसार गर्मी के मौसम में ज्यादा तली-भुनी और तेल वाली चीजों से परहेज करना चाहिए। इसके बजाय अधिक मात्रा में सलाद का सेवन करें, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। गर्मी में प्याज का सेवन भी लाभदायक होता है, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। तबीयत खराब होने पर डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें।
लू लगने पर ये करें
-मरीज को तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। कपड़े ढीले कर दें और पानी पिलाएं।
-शरीर पर ठंडा कपड़ा रखें और लगातार तरल पदार्थ देते रहें।
-नमक-चीनी मिला पानी, शरबत आदि देना फायदेमंद होता है।
-हाथ-पैरों की हल्के हाथों से मालिश करें, लेकिन तेल का इस्तेमाल न करें।
-ओआरएस घोल का सेवन जरूर कराएं।