बैरियर क्षतिग्रस्त होने पर कॉशन देकर ट्रेनों को गुजारा गया।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर से लखनऊ जा रही लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन मंगलवार की सुबह 8.35 बजे बड़े हादसे का शिकार होते-होते बच गई। हुआ यह कि जैसे ही ट्रेन गोंडा रेलवे स्टेशन के सेंट्रल पैनल के पास पहुंची, तभी रेल ट्रैक की एक पटरी टूट गई, जिससे लोको पायलट ने ट्रेन को जहां के तहां खड़ा कर दिया।
करीब 35 मिनट ट्रेन को यहां खड़े रखने के बाद उसे प्लेटफॉर्म नंबर एक के बजाय तीन पर ले जाया गया। इस दौरान इंजीनियरिंग विभाग के लोगों ने टूटी पटरी को ठीक किया। डीआरएम आलोक सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कानपुर में एक के बाद एक हुए दो बड़े रेल हादसों की बड़ी वजह रेल पटरियों का टूटा होना रहा है। ठीक वैसा ही एक हादसा मंगलवार को गोंडा में भी होते-होते बचा। बताया जाता है कि गोरखपुर से चली लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसे ही गोंडा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आने को हुई, तभी ट्रेन के लोको पायलट ने सिग्नल न मिलने पर ट्रेन को स्टेशन के सेंट्रल पैनल पर खड़ा कर दिया।
उधर, सिग्नल फेल होने के कारणों की जब इंटरलॉकिंग के जरिए पड़ताल हुई तो पता चला कि सेंट्रल पैनल से ही कुछ दूरी पर रेलवे ट्रैक की एक पटरी टूट गई है। जिस पर इसकी सूचना तत्काल रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के लोगों ने 35 मिनट की मशक्कत के बाद टूटी रेल पटरी को ठीक किया। जिसके बाद ट्रेन को बजाय प्लेटफॉर्म नंबर एक के तीन पर शिफ्ट किया गया।
इस दौरान प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के इंतजार में खड़े यात्रियों के साथ ही गाड़ी में सवार यात्रियों को काफी परेशानी हुई। वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक एएन मिश्र ने बताया कि सेंट्रल पैनल के नजदीक रेल पटरी में फ्रैक्चर हो जाने से कुछ दिक्कत मंगलवार को हुई थी। जिसे ठीक कराकर ट्रेन को दूसरे प्लेटफॉर्म पर ले जाया गया। वहीं, डीआरएम आलोक सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।