भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को कैसरगंज प्रत्याशी घोषित कर तमाम तरह के कयासों पर विराम लगा दिया। कैसरगंज के बहुचर्चित सांसद बृजभूषण शरण सिंह का टिकट काट दिया गया है। उनके बेटे करण भूषण सिंह को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में करण भूषण सिंह पहली बार लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर किस्मत अजमाएंगे।
शुक्रवार नामांकन के लिए आखिरी तिथि निर्धारित है। करण भूषण सिंह उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं। इससे पहले वह भारतीय कुश्ती महासंघ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवानों के यौन शोषण जैसे गंभीर आरोपों में घिरे भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के मामले की दिल्ली के एक कोर्ट में सुनवाई चल रही है। पिछले कई दिनों से कैसरगंज सीट पर भाजपा की ओर से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हो सकी थी। गुरुवार को भाजपा ने कैसरगंज की सूची जारी कर दी।
छह बार के सांसद व 12 साल तक कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह के स्थान पर उनके बेटे करण भूषण सिंह (33) को अपना उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा के टिकट पर करण भूषण सिंह पहली बार लोकसभा चुनाव में दावेदारी करेंगे। शुक्रवार को नामांकन की आखिरी तिथि के दौरान अपना पर्चा दाखिल करेंगे।
भाजपा की सूची जारी होने से पूर्व संकेत मिलते ही करण भूषण सिंह के नाम पर उनके प्रतिनिधि जनार्दन तिवारी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर चार सेट नामांकन पत्र खरीदा। कैसरगंज सांसद के बड़े बेटे और गोंडा सदर से भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने ह्वाट्सएस ग्रुप पर जानकारी साझा की थी।