जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते बैंककर्मी। - संवाद
गोंडा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर जिले के 21 बैंकों की 241 शाखाओं में शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल रही। इससे करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। पासबुक अपडेट, केवाईसी और रुपये निकालने जैसे जरूरी काम भी नहीं हो सके।इसके चलते खाताधारकों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने इंडियन बैंक के रोडवेज स्थित अंचल कार्यालय से रैली निकाली। गुरु नानक चौराहा होते हुए रैली बस अड्डा चौराहे पहुंची। यहां सभा में ‘बैंक बचाओ, देश बचाओ’ और ‘वी वांट फाइव डेज बैंकिंग’ के नारे लगाए गए।
ऑल इंडिया इंडियन बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के मंडल सचिव तरुण शुक्ल ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग, पेंशन अपडेशन, पर्याप्त भर्ती और अधिकारियों के उत्पीड़न पर रोक समेत कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स और मुख्य श्रमायुक्त के साथ वार्ता विफल होने के बाद हड़ताल की गई।
उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन में डॉ. अंजनी कुमार पांडेय, आशुतोष कुमार, सुधीर सिंह, शैलेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, अरविंद यादव, मुकेश कुमार आदि अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
रकम की जरूरत थी, बैंक मिला बंद
केशवपुर पहड़वा के मंगरे पासबुक अपडेट कराने, मुंडरेवा कला के स्वामीनाथ दवा-सामान खरीदने के लिए रुपये निकालने और मल्लापुर के एक ग्राहक केवाईसी कराने बैंक पहुंचे थे। बैंक बंद मिलने पर तीनों को लौटना पड़ा। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि हड़ताल के कारण करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा।