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Gonda News: लोड बढ़ा-स्टाफ घटा, बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर संकट गहराया

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गोंडा। देवीपाटन जोन में बिजली व्यवस्था गंभीर मानव संसाधन संकट से जूझ रही है। समूह ''ग'' और ''घ'' के स्वीकृत 3,840 पदों में से 3,188 पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं। ऐसे में सिर्फ 652 कर्मचारियों के भरोसे गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती के 14 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कर्मचारियों की कमी का सीधा असर उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं और शिकायतों के निस्तारण पर पड़ रहा है।
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बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अवर अभियंता, तकनीकी ग्रेड-2, जेएमटी, कार्यकारी सहायक, कुली, कुशल श्रमिक, चपरासी और चौकीदार जैसे पदों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार समूह ''ग'' और ''घ'' के कुल 3,840 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 652 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 3,188 पद रिक्त हैं।
गर्मी के मौसम में एसी और कूलर के बढ़ते उपयोग से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर हाईटेंशन लाइन टूटने, ट्रांसफार्मर फुंकने और तकनीकी खराबियों की घटनाएं भी बढ़ी हैं। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और करीब दो लाख स्मार्ट मीटर लगने के बाद विभागीय कार्यभार पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या लगातार घटती गई।
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एक जेई के जिम्मे कई उपकेंद्र

जानकारों के अनुसार प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर दो से तीन अवर अभियंताओं की आवश्यकता होती है। कर्मचारियों की कमी के कारण कई स्थानों पर एक ही अवर अभियंता को दो-दो उपकेंद्रों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। इससे शिकायतों के समाधान में देरी हो रही है और फील्ड में तैनात कर्मचारी भी अतिरिक्त दबाव में काम करने को मजबूर हैं।



श्रेणी स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त
समूह ‘ग’ 1,488 595 893

समूह ‘घ’ 2,352 57 2,295
कुल 3,840 652 3,188

(स्रोत : मंडलीय कार्यालय)
अधिकारियों ने माना, है समस्या
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि रिक्त पदों की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि कर्मचारियों की कमी के कारण आपूर्ति व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाओं के संचालन में कठिनाइयां आ रही हैं। उनका कहना है कि रिक्त पदों को भरने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द समाधान की उम्मीद है।
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