जनपद न्यायालय में लोक अदालत के बारे में जानकारी देते प्रशासनिक न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी। स्रो
गोंडा। वादकारी को सरलता और सुलभता से त्वरित न्याय दिलाने में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की महती भूमिका है। इसलिए सभी को सामंजस्य स्थापित करके अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। ये बातें राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रशासनिक न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने कहीं। जनपद न्यायालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को प्रभारी जिला जज रश्मि नंदा, प्रभारी डीएम अंकिता जैन, एसपी विनीत जायसवाल व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
अपर जिला जज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दानिश हसनैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुनील कुमार पंचम ने 33 वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने 64 वाद निस्तारित कर 3.46 करोड़ रुपये प्रतिकर राशि तय की। एडीजे प्रथम रश्मि नंदा ने 10, एडीजे तृतीय राजेश कुमार ने चार, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सूर्य प्रकाश सिंह ने पांच, विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट नम्रता अग्रवाल ने 304, विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट निर्भय प्रकाश ने पांच, एडीजे/एफटीसी नवीन विकास ने एक, प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय हरेंद्र कुमार ओझा ने 20 वाद निस्तारित किया। वहीं, सीजेएम अमित सिंह ने 3,618 वाद निपटाकर 20 लाख 10 हजार, एसीजेएम रेलवे अभिनव यादव ने 403 वाद निस्तारित कर दो लाख तीन सौ, एसीजेएम प्रथम शबीना खान ने 1,027 मामले निस्तारित कर 11.71 लाख अर्थदंड वसूल किया। जिले के सभी विभागों ने प्री-लिटीगेशन के माध्यम से कुल 1,40,073 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 14.57 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय कीई।