हलधरमऊ/बेलसर। प्रत्येक रविवार को सरकार अस्पतालों में आयोजित जन आरोग्य मेले से डाक्टरों ने दूरी बना रखी है। फार्मासिस्ट भी अक्सर नहीं मौजूद रहते। लैब टेक्नीशियन मेले में आने वाले मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
बरांव पीएचसी पर न तो तैनात चिकित्सक पहुंचे, और न ही फार्मासिस्ट। वहां लैब टेक्नीशियन नागेंद्र कुमार ने मरीज देखकर दवाएं दी। उन्होंने बताया कि दोपहर तक केवल दो मरीज आए थे। मरीज केशवराम ने कहा कि शरीर में झनझनाहट है। शुगर की जांच के बाद उन्हें दर्द की दवा मिली। उनका कहना था कि जरूरी उपकरण और दवाएं नहीं थीं। बिना पर्ची दवा बांटी गई। ग्रामीण अरुण कुमार ने कहा कि गंभीर रोगियों को यहां राहत नहीं मिलती, इसलिए उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
बेलसर संवाद के अनुसार, माधवपुर पीएचसी पर भी हाल कुछ अलग नहीं रहा। मेले में आए 12 मरीजों का इलाज बिना किसी जांच के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े चिकित्सक विपिन सिंह ने किया। इंदिरापुरवा निवासी श्यामवती शुगर जांच कराने आईं। नीलम ने हाथ पैर दर्द की समस्या बताई। राम स्वरूप शुगर जांच कराने पहुंचे। उमाशंकर को सांस लेने में दिक्कत थी। अशोक कुमार ने दर्द की शिकायत की। पीएचसी पर तैनात एलटी कुमारी निशा जनवरी से बेलसर सीएचसी पर संबद्ध हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. कृतिका प्रसाद भी 28 जनवरी से जिला अस्पताल में संबद्ध हैं। इस मौके पर नर्स शमा परवीन, फार्मासिस्ट दिवाकर, रामचंदर और बजरंगी सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहे।