गोंडा। खरगूपुर थाना क्षेत्र में दो साल पूर्व पत्नी और दो अबोध बेटियों की जघन्य हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि खरगूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सोनहरिया निवासी रमेश कुमार ने एक अक्तूबर 2021 को थाने में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उन्होंने सात साल पहले पुत्री कौशल्या की शादी ग्राम देवरिया कला के रहने वाले ओम प्रकाश तिवारी के साथ की थी। बेटी दामाद से अधिक पढ़ी लिखी थी, इसलिए शादी के बाद से ही दामाद बेटी पर शक करने लगे थे और अक्सर उसे मारते-पीटते थे। 30 सितंबर को दिन में मारापीटा और बेटी कौशल्या व उसकी तीन साल की बेटी जानवी और एक साल की ज्ञानवी की हत्या कर दी। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और पोस्टमार्टम के दौरान मृतका व उसकी बेटियों के शरीर पर मिलीं चोटों व गवाहों के बयान आदि से जघन्य हत्या का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी ओम प्रकाश तिवारी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
अभियोजन पक्ष ने वादी समेत 13 गवाहों को न्यायालय में पेश किया। अदालत ने अभियुक्त ओम प्रकाश तिवारी को दोषसिद्ध करार दिया। बृहस्पतिवार को निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय डाॅ. दीनानाथ तृतीय ने दोषी को पत्नी और दो अबोध बेटियों की हत्या के अपराध में अंतिम सांस तक आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया।