गोंडा। सदर तहसील में राजस्व गावों के अभिलेखों को छिपाने का खेल उजागर हुआ है। जिसमें एक लेखपाल ने एक दर्जन राजस्व गांवों के अभिलेख दबाए रखे। लेखपाल डायरी भी नहीं जमा की। तहसील के अभिलेखागार के परीक्षण में मामला उजागर होने पर एसडीएम सदर विनोद कुमार सिंह ने इसे गंभीर प्रकृति का माना और लेखपाल रक्षाराम दुबे को निलंबित कर दिया। उन्होंने मामले की जांच नायब तहसीलदार नेहा राजवंशी को सौंपी है। एसडीएम ने बताया कि लेखपाल ने गंभीर अनियमितता की है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सदर तहसील के परसपुर एहेलवा में तैनात लेखपाल रक्षाराम दुबे ने अपने क्षेत्र में आने वाले राजस्व ग्रामों के अभिलेख नहीं जमा किए थे। अभिलेखागार के परीक्षण में मामला उजागर हुआ कि परसपुर एहलवा, पूरे पाठक, अनंतपुर, भुलईडीह व भुड़कुड़ी की खतौनी जमा ही नहीं की गईं हैं। इसी तरह इनके ही क्षेत्र में शामिल राजस्व ग्राम बेलवाभान, गुदगुदियापुर, हरखापुर, उमरा, अड़बड़वा, राजाजोत, कमड़ावा का खसरा भी जमा नहीं मिला।
इसके अलावा लेखपाल डायरी भी दाखिल नहीं की गई। इसकी रिपोर्ट पर एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लिया है। बताया जा रहा है कि खसरा और खतौनी जमा न होने से आम लोगों के कार्य प्रभावित होते हैं। इसके अलावा लेखपाल द्वारा क्षेत्र से आने वाली शिकायतों के निस्तारण में भी रुचि नहीं लेने की रिपोर्ट मिली। एसडीएम ने बताया कि इन मामलों को लेकर लेखपाल को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच नायब तहसीलदार नेहा राजवंशी को सौंपी है।