करनैलगंज। तहसील बार एसोसिएशन के आंदोलित अधिवक्ताओं के क्रमिक अनशन और न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सोमवार को तहसील कोर्ट का कामकाज प्रभावित रहा। अधिवक्ता के कार्य न करने से तहसील कोर्ट में लंबित वादों की सुनवाई नहीं होने से पहुंचे वादकारियों को तारीख लेकर निराश हताश लौटना पड़ा।
परसपुर से आए नवल किशोर ने बताया कि उनके वाद की सुनवाई एसडीएम कोर्ट में होनी थी, लेकिन अधिवक्ताओं के काम न करने से सुनवाई टालते हुए उन्हें एक महीना बाद की तारीख दे दी गई। ग्राम भटपुरवा निवासी शिवकुमार ने बताया कि एसडीएम न्यायिक की कोर्ट में चल रहे उनके वाद की सुनवाई न हो पाने से अगली तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं के आंदोलन के कारण तहसील में संचालित प्रशासनिक कामकाज भी जनसुनवाई तक सीमित दिखा। उप जिलाधिकारी नेहा मिश्रा और तहसीलदार अतुल पाल कार्यालय में बैठकर फरियादियों की शिकायतें सुनकर उन्हें निस्तारित कराने का निर्देश भी संबंधित जिम्मेदारों को दिया।
एसडीएम ने बताया कि सोमवार को कुल 32 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 19 मामले पक्षकारों की सहमति के आधार पर मौके पर ही निस्तारित कराए गए। उधर, तहसील प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच सोमवार को बातचीत न हो पाने से क्रमिक अनशन व प्रदर्शन जारी रहा। तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री पवन कुमार शुक्ल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दोनों पक्षों की बातचीत होनी थी, लेकिन वार्ता न होने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए अनशन स्थल पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में अधिवक्ता श्यामधर शुक्ल, पवन कुमार, संजय मिश्र, धर्मेंद्र मिश्र, सुशील कुमार, सत्य नरायन सिंह, अरविंद शुक्ल, रामसभा मिश्र, स्वामी दूबे आदि उपस्थित रहे।