उतरौला कोतवाली क्षेत्र के गैड़ास बुजुर्ग डीडीसी वार्ड की महिला जिला पंचायत सदस्य व उसके पति का समाजसेवी डॉ. अनुराग यादव व उनके साथियों ने अपहरण कर लिया है। यह आरोप सदस्य के देवर ने उतरौला कोतवाली में दी तहरीर में लगाया है।
पुलिस ने डॉ. अनुराग यादव व उनके साथियों के खिलाफ अपहरण सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शनिवार को उतरौला कोतवाल राजकुमार यादव ने बताया कि गैड़ास बुजुर्ग की जिला पंचायत सदस्य जगरानी व उनके पति ननकन का अपहरण जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आगामी दिनों में होने वाले चुनाव के लिए किया गया है।
24 दिसंबर को डॉ. अनुराग यादव व उनके साथी गाड़ी से जगरानी के घर पहुंचे तथा पति-पत्नी को जबरन उठा ले गए। इस दौरान अनुराग यादव व उनके साथियों ने परिवारीजनों को जातिसूचक गालियां देते हुए धमकी भी दी।
कोतवाल ने बताया कि जगरानी के देवर गंभल की तहरीर पर डॉ. अनुराग यादव व उनके सात अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ अपहरण, दलित उत्पीड़न व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
जगरानी की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस डीडीसी सदस्य व उसके पति की सरगर्मी से तलाश कर रही है। कोतवाल ने बताया कि शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वहीं, समाजसेवी डॉ. अनुराग यादव का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा उम्मीदवार के खिलाफ कोई चुनाव न लड़े, इसलिए मेरे खिलाफ उतरौला कोतवाली में अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है।
जगरानी के देवर का कहना है कि पुलिस ने उससे कोतवाली में जबरन सादे कागज पर अंगूठा लगवाया है। यह सारी कार्रवाई तानाशाही सत्ता प्रतिनिधियों के इशारे पर की जा रही है।
मेरे ऊपर लगाए जा रहे सारे आरोप झूठे व निराधार हैं। इस बात का खुलासा जगरानी व उनके पति की तलाश के बाद स्वत: हो जाएगा।