जिले के केरोसिन आवंटन में 864 किलोलीटर की कटौती कर दी गई है। अब कार्डधारकों को अक्तूबर में 2.76 लीटर के स्थान पर सिर्फ 1.34 लीटर ही मिट्टी तेल मिल सकेगा। अब एक कार्डधारक का परिवार एक लीटर मिट्टी तेल में कैसे गुजारा करेगा, इसको लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। दूसरी ओर इतनी कम मात्रा में तेल वितरण को लेकर उचित दर दुकानदारों में भी बेचैनी है।
शासन ने जिले के केरोसिन आवंटन में करीब 53 प्रतिशत यानि 864 किलोलीटर की कटौती कर दी है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। उनका कहना है कि जब इससे पहले 3.50 लीटर में एक माह में काम नही चल पाता था तो भला अब 1.34 लीटर मिट्टी तेल में एक माह कैसा गुजारा हो सकेगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश सरकार को की जाने वाली मिट्टी तेल की आपूर्ति में इस माह से भारी कटौती कर दी गई है। केंद्र से कम तेल मिलने पर प्रदेश शासन की ओर से जिलों को भेजी जाने वाले तेल के आवंटन में करीब 53 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।
ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से भी अब अक्टूबर में कार्डधारकों की संख्या के आधार पर उचित दर विक्रेताओं को भी तेल का उठान कराया जाएगा। इस बाबत क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक महेश प्रसाद का कहना है कि शासन से केरोसिन का आवंटन घटने से उपभोक्ताआें को दिक्कत होगी। एक लीटर से थोड़ा अधिक तेल से एक परिवार का एक माह में गुजारा संभव नही है।
इनसेट
फैक्ट फाइल
कुल कार्डधारक - 500000
मिट्टी तेल आवंटन माह (सितम्बर)- 1,656 किलो लीटर
मिट्टी तेल आवंटन (अक्तूबर)- 792 किलो लीटर
मिट्टी तेल वितरण प्रति उपभोक्ता कार्ड पहले- 2.76 लीटर
मिट्टी तेल वितरण प्रति उपभोक्ता कार्ड अब - 1.34 लीटर