जनता दल यूनाईटेड के नेता शरद यादव को कांवरियों पर टिप्पणी करना मंहगा पड़ गया। कांवरियों पर टिप्पणी से नाराज शिवभक्त एवं टैक्स अधिवक्ता ने अपने वकील के माध्यम से शरद यादव के खिलाफ न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय की अदालत में मंगलवार को वाद दायर किया है।
शहर के आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले टैक्स अधिवक्ता आलोक कुमार पाठक ने वकील राजेश कुमार मिश्रा के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में मंगलवार को दायर वाद में कहा कि जनता दल यूनाईटेड के नेता शरद यादव ने छह अगस्त को कानपुर में एक राजनीतिक जनसभा में खुले मंच से धार्मिक भावनाओं एवं आस्था को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से 'कांवरिया बेरोजगार होते हैं और बेरोजगार लोग ही इतनी बड़ी तादाद में सड़कों पर इस सावन में कांवरिया के रूप में निकलते हैं।
यदि इनके पास रोजगार होता तो ये इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर न दिखाई देते। जिनके पास कोई काम नहंीं, वे ही कांवर यात्रा करते हैं और सड़कों पर भीड़ बढ़ाते हैं। कांवरिये बेरोजगारी का रूप हैं। बेरोजगारी की वजह से सड़कों पर कांवरियों की संख्या बढ़ी है। ये टिप्पणी की है।
अधिवक्ता ने अदालत से याचना की है कि है वह शिवभक्त है और सावन में कजरी तीज पर करनैलगंज के सरयू से जल लाकर दुखहरननाथ शिवालय में जलाभिषेक करता है। शरद यादव की कांवरियों पर टिप्पणी से उसे आघात पहुंचा है। अभियोगी अधिवक्ता ने अदालत से जनता दल यूनाईटेड के नेता शरद यादव को तलब कर दंडित करने की याचना की है।