गोंडा। वर्षों से विवादों में घिरा इटियाथोक-श्रीनगर मार्ग एक बार फिर चर्चा में है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने इस मार्ग के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी है। इससे पहले शासन ने गोंडा और बलरामपुर जिलों की करीब 300 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की निविदाएं गड़बड़ी के आरोप में निरस्त कर दी थीं।
इटियाथोक-श्रीनगर मार्ग की लंबाई लगभग 21 किलोमीटर है और यह क्षेत्रीय आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। स्थानीय लोग वर्षों से इसके निर्माण की मांग कर रहे हैं। पूर्व में निविदा प्रक्रिया को लेकर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और मनकापुर विधायक व पूर्व मंत्री रमापति शास्त्री ने शासन स्तर पर शिकायत की थी। उनका आरोप था कि कुछ प्रभावशाली ठेकेदार निविदा प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे थे। जिससे अन्य इच्छुक ठेकेदार डर की वजह से भाग नहीं ले सके। शिकायत के बाद शासन ने कार्रवाई करते हुए संपूर्ण प्रक्रिया निरस्त कर दी थी। अब लोनिवि ने दोबारा निविदा आमंत्रित कर दी है। अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए निविदा फिर से कराई गई है। जल्द ही सभी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर जारी है आंदोलन
इटियाथोक-श्रीनगर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर छात्र पंचायत के पदाधिकारी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। संयोजक शिवम पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जलजमाव वाली सड़क पर धान की रोपाई कर अनोखा विरोध दर्ज कराया था। अगले दिन सड़क की तलाश के लिए लेंस लेकर प्रदर्शन किया गया और सड़क खोजने वाले को 1100 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई। हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान से लखनऊ में मुलाकात कर उन्हें इटियाथोक-श्रीनगर मार्ग से बाबागंज आने का न्यौता भी दिया।