सिंहपुर गांव चौपाल में मंगलवार को ग्रामीणों ने डीएम के सामने जोर-शोर से बंदरों के आतंक का मुद्दा उठाया। मगर प्रशासन के दो टूक जवाब के बाद चौपाल में शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण मायूस हो गए। प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग को भी निर्देश नहीं दे सकते हैं। ऐसे में ग्राम प्रधान को अपने स्तर से आतंक से निपटना होगा।
सिंहपुर ग्राम प्रधान राजकुमार शुक्ल ने बताया कि चार महीने से पंचायत व विजय नगर बाजार के लोग बंदरों के आतंक से परेशान हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने अधिकारियों के साथ गांव चौपाल का आयोजन किया तो बंदरों के आतंक से निजात मिलने की आस जगी थी। मगर प्रशासन के दो टूक जवाब से ग्रामीणों को एक बार फिर मायूस होना पड़ा। हालांकि अधिकारियों का कहना था कि बिना शासन की अनुमति लिए बंदरों को पकड़ा नहीं जा सकता। अगर पकड़ भी लिया जाए तो छोड़ने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में ग्राम प्रधान को अपने स्तर से ही इस समस्या से निपटना होगा। इस दौरान डीएम नेहा शर्मा, सीडीओ एम. अरुन्मोली, पीडी चंद्रशेखर, डीपीआरओ लालजी दुबे, वन क्षेत्राधिकारी ज्योतिर्मय शुक्ल, एपीओ (मनरेगा) पूनम शुक्ला और बीडीओ विजयकांत मिश्र आदि मौजूद रहे।
डीएम नेहा शर्मा की अगुवाई में प्रशासन के अधिकारियों ने धनईपट्टी, सिंहपुर, नगदही, खमरौनी और पकवान गांव चौपाल में शिकायतें सुनीं। नगदही ग्राम पंचायत में जमीन पर ट्रांसफार्मर रखे होने से लगातार मवेशियों के चपेट में आने की शिकायत मिली। खमरौनी में छुट्टा जानवरों की समस्या ग्रामीणों ने उठाई। आवास, पेंशन समेत अन्य मामलों में डीएम की ओर से जल्द समाधान का भरोसा दिया गया है। डीएम ने नगहदी में ग्राम प्रधान नीलम चौबे की तारीफ की।