गोंडा। ग्राम पंचायत इमिलिया मिश्र में विकास कार्यों के नाम पर 7.17 लाख की वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद जिला प्रशासन ने प्रशासक राजेंद्र मिश्र पर शिकंजा कस दिया है। जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने प्रशासक व डीपीआरओ ने तीन अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। चेतावनी दी है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर पद से हटाने की कार्रवाई के साथ सरकारी धन की वसूली, एफआईआर और अन्य विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
22 अगस्त 2025 को पंकज तिवारी ने शिकायत की थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी और लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-दो के अधिशासी अभियंता को जांच सौंपी गई। तीन जुलाई 2026 को प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई। जांच में नाली निर्माण कार्य में 19,400 रुपये का अधिक भुगतान पाया गया। अंगद और कृष्ण कुमार के घर तक नाली निर्माण में 2,08,600 रुपये की अनियमितता सामने आई। सबसे गंभीर मामला प्रागदत्त, सुरेश और कमलेश के खेतों में तालाब निर्माण का रहा। अभिलेखों में कार्य पूरा दिखाकर 4,89,446 रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर तालाब नहीं मिले।
जांच में कुल 7.17 लाख रुपये के अनियमित व्यय की पुष्टि हुई। इसमें निवर्तमान ग्राम प्रधान, वर्तमान में प्रशासक राजेंद्र मिश्र और ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) रोहित कुमार से 2.39-2.39 लाख रुपये, अवर अभियंता (आरईडी) संतोष कुमार से 6,466.66 रुपये तथा तत्कालीन तकनीकी सहायक एसके पांडेय से 2.32 लाख रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई है। यह राशि मनरेगा तथा पंचम एवं 15वें राज्य वित्त आयोग की योजनाओं के तहत खर्च की गई थी। डीएम प्रियंका निरंजन ने प्रशासक व डीपीआरओ जेडी जैन ने तीन अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।