गोंडा। प्रदेश स्तर पर नवंबर में प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट के भूमि पूजन समारोह (जीबीसी) के लिए देवीपाटन मंडल से 4,300 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया जाएगा। इसमें गोंडा जनपद की भी अहम भूमिका होगी। गोंडा को 2,500 करोड़ के निवेश जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। मंडल में औद्योगिक इकाइयाें की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार की राह आसान हो जाएगी।
प्रदेश सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रदेश के जिलों में निवेश के लिए उद्यमी व निवेशकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नवंबर के आखिरी सप्ताह में इन्वेस्टर्स समिट का भूमि पूजन समारोह प्रस्तावित है। अयोध्या से सटे होने और पिछले वर्षों के प्रदर्शन को देखते हुए गोंडा को निवेश जुटाने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। औद्योगिक विकास, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और संवर्द्धन के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए सरकार अधिकाधिक निवेश के लिए प्रेरित करेगी। पिछले साल गोंडा ने निवेश के लक्ष्य के सापेक्ष 105 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया था।
मुख्यमंत्री उद्यमी मित्र संदीप द्विवेदी ने बताया कि जीबीसी 5.0 की तैयारी तेज कर दी गई है। इस साल अब तक गोंडा में 12 एमओयू साइन हो चुके हैं। करीब 77.9 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। आठ इकाइयों ने काम शुरू कर दिया है। करीब एक हजार करोड़ रुपये के निवेश की जरूरी प्रक्रिया इसी सप्ताह पूरी की जाएगी।
वहीं, अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने मंडल के चारों जिलों को निवेश का लक्ष्य आवंटित किया है। उद्योग उपायुक्त बाबूराम ने बताया कि जीबीसी को लेकर सभी स्तर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इससे रोजगार व विकास के द्वार खुलेंगे।
29 विभागों के आएंगे निवेशक
अतिरिक्त ऊर्जा के साथ ही कुल 29 विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, आवास विकास, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, पशुपालन, तकनीकी शिक्षा, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि, सहकारी, हैंडलूम एवं वस्त्र, डेयरी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास, उच्च शिक्षा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, पर्यटन उद्यान, आबकारी, चिकित्सा शिक्षा, वन आदि क्षेत्र में निवेश किए जाएंगे।
कई क्षेत्रों में निवेशकों ने शुरू किया काम
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, गत वर्ष गोंडा में 2,682.62 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के 104 एमओयू साइन किए गए थे। इनमें से 8,48.2 करोड़ रुपये के 54 प्रोजेक्ट भूमि पूजन समारोह में शामिल किए गए थे। अब तक 572.2 करोड़ रुपये के 45 प्रोजेक्ट ही धरातल पर आए हैं।बाकी इकाइयां निर्माणाधीन हैं।
जिलों को मिली जिम्मेदारी....
जिला- लक्ष्य (करोड़ रुपये में)
गोंडा-2,500
बहराइच-1,000
बलरामपुर-500
श्रावस्ती-300
(आंकड़ों का स्रोत- उद्योग विभाग)