गोंडा। लोक निर्माण विभाग में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग में मृतक आश्रितों की भर्ती में जातिगत भेदभाव, उत्पीड़न के साथ ही रिश्वत का आरोप लगा है। मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील के आदेश पर मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष पप्पू खान ने आयुक्त समेत अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। कहा कि लोक निर्माण विभाग के एक अफसर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों के साथ जातिगत भेदभाव कर उत्पीड़न करते हैं।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के मृत कर्मचारियों के आश्रितों की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति में नियमावली की धज्जियां उड़ाई जा रही है। शिकायती पत्र को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने जांच का आदेश जेडीसी को दिया है। अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत निराधार है। अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति में शैक्षिक योग्यता का प्रावधान नहीं है।
मांगा गया विवरण
आयुक्त के आदेश के क्रम में जांच की जा रही है। उनकी जिले में तैनाती और मृतक आश्रितों की नियुक्तियों का विवरण मांगा गया है।
राकेश कुमार पांडेय, संयुक्त विकास आयुक्त, देवीपाटन मंडल