गोंडा रेलवे के दिन बहुरने शुरू हो गए हैं। अभी तक इलेक्ट्रिक लोको से चलने वाली जो ट्रेनें लोगों को बड़े शहरों से मुहैया होती थीं, वह अब लोगों को जिले में भी दिखाई देने लगेंगीं। रेलवे की ओर से जिन 25 जोड़ी ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक लोको से किया गया है। उसमें से आठ जोड़ी ट्रेनें गोंडा से होकर जाएंगी, जिसमें गोरखपुर से चलने वाली गोरखधाम व इंटरसिटी भी शामिल हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण गोंडा रेलवे स्टेशन से रोजाना 78 जोड़ी एक्सप्रेस, पैसेंजर व मेल ट्रेनों का संचालन होता है। इन ट्रेनों में कई ऐसी भी हैं, जो लंबी दूरी की हैं और उनका संचालन एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में होता है। गोंडा से लखनऊ व गोरखपुर रूट का इलेक्ट्रिीफिकेशन काफी पहले ही हो चुका है।
जिससे रेलवे ने अब इस रूट पर इलेक्ट्रिक (बिजली) से चलने वाली ट्रेनों को दौड़ाना भी शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत वैशाली एक्सप्रेस से हुई थी। जिसके बाद बरौनी ग्वालियर, राप्तीसागर, लखनऊ बरौनी, आम्रपाली और बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेनों का इंजन इलेक्ट्रिक किया गया। वहीं अब इलेक्ट्रिक लोको के बेड़े में तीन और ट्रेनें शामिल कर ली गई हैं। जिसमें गोरखधाम, इंटरसिटी और जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेनें मुख्य हैं।
गोरखधाम एक्सप्रेस का संचालन हिसार से गोरखपुर के बीच होता है। जबकि इंटरसिटी लखनऊ से गोरखपुर के बीच चलती है। वहीं बरौनी से जम्मूतवी के बीच जम्मूतवी एक्सप्रेस चलती हैं। जो आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक लोको से चलेगी। महाप्रबंधक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 15 सितंबर के बाद इन तीनों ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक लोको से शुरू हो जाएगा।