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दवा काउंटर पर खड़े रहे अधीक्षक, बाहर का पर्चा लिखने पर की निगरानी

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फोटो-8 गोंडा में जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में मरीजों से हाल पूछते सीएमएस डॉ. एसके रावत। (संवाद) - फोटो : GONDA
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गोंडा। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को बाहर की दवा का पर्चा लिखने व ओपीडी समेत जांच कक्षों में बाहरी लोगों का दखल रोकने की कमान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने खुद संभाली है। इसकी रोकथाम के लिए सीएमएस ने शनिवार को दवा काउंटर पर खड़े होकर बाहरी दवा के पर्चों की निगरानी की। इस दौरान बिना किसी काम के अस्पताल परिसर व ओपीडी कक्ष में घूम रहे लोगों की धरपकड़ कर फटकार लगाते हुए फिर पकड़े जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी।
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जिला अस्पताल के ओपीडी में बाहरी लोगों को बैठने तथा दवा लिखने के मामले को अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद जिला अस्पताल में बाहरी लोगों पर निगरानी बढ़ गई है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेद्र कुमार रावत ने शनिवार को खुद इसकी कमान संभालते हुए जिला अस्पताल में पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के ओपीडी कक्षों तक का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमएस ने करीब एक घंटा तक दवा वितरण काउंटर पर खड़े रहकर डाक्टरों द्वारा मरीजों को लिखे गए दवाओं के पर्चे का निरीक्षण किया। इस दौरान किसी भी पर्चे में कोई भी बाहर की दवा लिखी नहीं पायी गयी। वहीं अस्पताल परिसर में इधर उधर घूम रहे कुछ लोगों से जब आने का कारण पूछा गया तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ऐसे लोगों को फटकार लगाते हुए अगली बार पकड़े जाने पर सीधे मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी गयी।
जरूरी होने पर लिखे जन औषधि केंद्र की दवाएं
प्रमुख अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मौजूद सभी डॉक्टरों को निर्देश दिए कि वह मरीजों को ऐसी दवाएं ही लिखे जो अस्पताल के दवा स्टोर में उपलब्ध हो। बाहर की दवाएं किसी भी हालत में न लिखी जाए। अस्पताल में लगभग सभी प्रकार के जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं। बहुत जरूरी होने पर बाहर से सिर्फ जन औषधि केंद्र पर मौजूद दवा ही मरीज को लिख कर दी जा सकती है।
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