गोंडा। देवीपाटन जोन में पावर कॉरपोरेशन जल्द ही गैर औद्योगिक से औद्योगिक फीडर को अलग करेगा। इससे सामान्य के साथ ही व्यवसायिक उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाएगी। इसके लिए कॉरपोरेशन ने 111 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी है।
अधिकारियों ने बताया कि काॅमर्शियल के साथ ही सामान्य बिजली उपभोक्ताओं को एक ही फीडर और बिजलीघरों से आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में बार-बार ट्रिपिंग समेत बिजली की समस्याएं बनी रहती हैं। इससे पावर कॉरपोरेशन निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। इसे देखते हुए कॉरपोरेशन की ओर से कार्ययोजना तैयार की गई है। ऐसे 11 केवीए फीडर जो पहले से औद्योगिक फीडर के रूप में घोषित हैं, उन पर ट्रिपिंग व ब्रेकडाउन कम करने के लिए गैर औद्योगिक फीडर को अलग किया जाएगा।
औद्योगिक व व्यवसायिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने के लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे। फीडर शिफ्टिंग के साथ ही सुरक्षा के उपाय भी होंगे। इससे उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त बिजनेस प्लान के तहत डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की गई है। औद्योगिक व गैर औद्योगिक फीडरों पर करीब 111 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उम्मीद है कि जल्द ही डीपीआर को स्वीकृति मिल जाएगी।
पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल ने बताया कि 111 करोड़ रुपये की डीपीआर भेजी गई है। इस रकम से ट्रांसफार्मर की सुरक्षा की जाएगी। ओवरलोडिंग के चलते ट्रांसफार्मर बार-बार फुंकते हैं। इससे विभाग पर अधिक भार आता है। ऐसे में औद्योगिक और गैर औद्योगिक फीडर अलग किए जाएंगे। क्षमतावृद्धि समेत तमाम काम भी किए जाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, गत महीनों से चल रहे बिजनेस प्लान के कार्यों के चलते लगभग 20 प्रतिशत तक ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाओं में कमी आई है। वहीं, अतिरिक्त बिजनेस प्लान से जल्द ही व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित होंगी। इससे औद्योगिक और गैर औद्योगिक उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं, 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो सकेगी।