24 घंटे के भीतर 13 सेमी जलस्तर घटने के साथ ही घाघरा नदी खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर नीचे आ आई है। लेकिन जैसे-जैसे नदी का जलस्तर घट रहा है, वैसे-वैसे नदी के पानी से होने वाली कटान तेज हो गई है, जिससे लोगों में बंधे की मजबूती के लिए बनाए गए स्परों के साथ ही बंधे की कटान का खतरा बढ़ गया है।
वहीं, नवाबगंज इलाके में सरयू नदी का बढ़ना लगातार जारी है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से इलाके के निचले स्तर पर बसे पांच गांव और उसके 60 मजरों में बाढ़ का पानी किसी भी वक्त घुस सकता है, जिसे लेकर यहां के लोग अपना आशियाना छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने में जुट गए हैं।
गुरुवार को जहां घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन-चरसड़ी बांध पर बढ़कर खतरे के निशान 106.07 से 11 सेमी ऊपर पहुंच गया था, वहीं बीते 24 घंटे के अंतराल में नदी के जलस्तर में आई 13 सेमी की गिरावट से अब जलस्तर घटकर 105.996 सेमी पर आ गया है। जबकि अयोध्या में सरयू नदी के जलस्तर में बीते 24 घंटे के अंतराल में करीब 10 सेमी की बढ़त हुई है।
हालांकि नदी खतरे के निशान 92.73 से 92.43 सेमी पर पहुंचकर स्थिर जरूर हो गई है। लेकिन माना जा रहा है कि बनबसा बैराज से घाघरा नदी में छोड़े गए पानी के जिले की सीमा में पहुंचते ही नदी का जलस्तर फिर से बढ़ जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो नवाबगंज के निचले इलाके में बसे पांच गांव ब्यौंदा मांझा, तुलसीपुर मांझा, जैतपुर, दुर्गागंज और मांझाराठ इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। जिसके 60 मजरों में पानी घुस आएगा। इससे यहां रहने वाली करीब 50 हजार आबादी की परेशानी बढ़ जाएगी।
वहीं नदी में पानी बढ़ने से ऐली परसौली, गढ़ी, जबरनगर, परासपट्टी पुरुवार, मझवार, रांगी, चिवरहा, बहादुरपुर, सोनौली मोहम्मदपुर, सरायनामू, बनगांव, दत्तनगर, गोकुला, साकीपुर, चौखड़िया, इंदरपुर, नकहरा, दुल्लापुर, इब्राहिमपुर, कटराभोगचंद, महेशपुर, जफरापुर, फत्तेपुर, देईपुर व वजीरबाद गांव भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। जिसे लेकर लोगों के दिल की धड़कनें जलस्तर बढ़ने के साथ बढ़ गई हैं।
उधर, करनैलगंज इलाके में घाघरा नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 13 सेमी कम होने से यहां परसावल, रायपुर गांव में नदी ने कटान तेज कर दी है। सिंचाई विभाग के अभियंता अशोक कुमार की मानें तो नदी का पानी बांध से सटकर बह जरूर रहा है, लेकिन उससे कोई दिक्कत बांध को नहीं है। बांध पूरी तरह से मजबूत है। उधर, नवाबगंज में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने जहां लोगों के दिल की धड़कनें बढ़ा रखी हैं, वहीं सरयू नदी से बहकर आए पानी से टेढ़ी नदी भी उफना गई है। जिससे इस नदी के किनारे बसे गांव के लोगों में दहशत व्याप्त है।