गोंडा। कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाके के बाद गोंडा में भी प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ निगरानी बढ़ा दी है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने चारों तहसीलों के एसडीएम और सीओ को अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से पटाखा बनाने और रखने वाले स्थानों की जांच के साथ लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की भी पड़ताल करने को कहा गया है।
जिले में अवैध पटाखा निर्माण और बारूद के भंडारण का मामला पहले भी सामने आता रहा है। कटरा बाजार क्षेत्र के मथुरा गांव में वर्ष 2011 और 2024 में बारूद और पटाखे बरामद किए जा चुके हैं। तरबगंज संवाद के मुताबिक, बेलसर गांव में सात अक्तूबर 2024 को एक खंडहरनुमा मकान में कथित रूप से बिना लाइसेंस पटाखा निर्माण के दौरान विस्फोट हो गया था। हादसे में आकाश उर्फ छोटू, अयाज और अयूब उर्फ लल्लू की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने छह नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
अब कौशांबी की घटना के बाद जिले में फिर से अवैध पटाखा निर्माण और बारूद के भंडारण पर शिकंजा कसने को लेकर प्रशासन सक्रिय हुआ है।