गोंडा। बाल विवाह के प्रति जागरूकता और रोकथाम के प्रयासों के बीच जिले में स्थिति में सुधार आया है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस-6) की 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार, 20 से 24 वर्ष की 22 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 वर्ष की उम्र से पहले हुई।
पांच साल पहले एनएफएचएस-5 (2019-21) में यह आंकड़ा 25.4 प्रतिशत था। यानी तुलनात्मक रूप से बाल विवाह के आंकड़े में 3.4 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में भी करीब हर पांचवीं महिला की शादी कानूनी उम्र पूरी होने से पहले होने की तस्वीर सामने आती है।
बाल विवाह में कमी के साथ किशोरियों के कम उम्र में मां बनने या गर्भवती होने के आंकड़े में भी सुधार हुआ है। एनएफएचएस-6 में 15 से 19 वर्ष की तीन प्रतिशत लड़कियां मां बन चुकी थीं या सर्वेक्षण के समय गर्भवती थीं। एनएफएचएस-5 में यह अनुपात 4.2 प्रतिशत था।
यानी इसमें भी 1.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। महिलाओं की शिक्षा और आर्थिक-डिजिटल पहुंच में भी पांच साल में सुधार हुआ है।