जिला पंचायत की शनिवार को हुई बैठक में कई विकास कार्यों के प्रस्ताव पर मुहर लगी। हालांकि जिला पंचायत की बैठक में सदन जनवरी की तरह ठंडा रहा। कमजोर विपक्ष के चलते जिला पंचायत की बैठक हल्के फुल्के में ही निपट गई। दो चार सदस्यों व प्रतिनिधियों ने विकास कार्यों को लेकर कुछ सवाल जरूर उठाए, लेकिन सत्ता की हनक के आगे वे मुखर नहीं हो पाए।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में बैठक हुई। जिले की नव निर्वाचित सरकार की ओर से गत वर्ष की कार्यवाही की पुष्टि पर विचार, वर्ष 2015-16 व 2016-17 के आय-व्यय के अनुमोदन पर विचार के लिए सभी जनप्रतिनिधियों व अफसरों के अलावा जिला पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई गई थी।
इस बैठक में दो विधायकों व विभागवार दो जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा न तो बड़े माननीय ही आए और न आला अधिकारी पहुंचे। बैठक में काफी सतही चर्चा हुई।
सांसद प्रतिनिधि संजीव कुमार व दो तीन जिला पंचायत सदस्यों ने कुछ सवाल उठाए, जिसकी विभागीय अधिकारियों की ओर से सदन को सही तस्वीर पेश नहीं की जा सकी। इस पर कुछ लोगों ने एतराज जरूर किया, लेकिन एक तरह से बैठक का संचालन कर रहे सपा नेता राम बहादुर बार-बार डैमेज कंट्रोल की भूमिका निभाते रहे।
संजीव कुमार व एक जिला पंचायत सदस्य ने आंगनबाड़ी केंद्रों के हवा में चलने का मुद्दा उठाया। कई केंद्रों की डीपीओ के जानकारी न दे पाने पर सदस्यों ने नाराजगी जतायी।
राम बहादुर ने जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह से कृषि फार्मों पर कम बोवाई व कम उपज होने का कारण पूछा। जंगली जानवरों से फसलों के नुकसान करने पर जानवरों के रोकने के लिए खांईं खोदे जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे पास किया गया।
संजीव कुमार सिंह ने 5400 गांवों में विद्युतीकरण न होने का पावर कॉर्पोरेशन के एक्सईएन से कारण पूछा। इस पर एक्सईएन ने बताया कि कार्य कराने वाली दो कंपनियां निगम का बड़ा पैसा लेकर भाग चुकी हैं। उजो पैसा बचा है, उसका टेंडर करवा कर कार्य कराया जाएगा।
इस पर तरबगंज के विधायक मंजू सिंह ने बड़ा कार्य होने के नाते इस काम को स्थानीय ठेकेदारों से ब्लॉकवार टेंडर करवाने का प्रस्ताव रखा।
बैठक में कृषि मंत्री विनोद कुमार पंडित सिंह के प्रतिनिधि के तौर पर आए उनके भाई महेश सिंह से जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह बैठक में मशवरा करती रही।
जल निगम के अलावा कई विभाग के अधिकारी नदारद रहे। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, जिले में बीपीएल श्रेणी के गरीबों के लिए इन्दिरा आवास बनाए जाने का लक्ष्य घट गया है।
बैठक में इन प्रस्तावों पर बनी सहमति
* जंगली जानवरों को खेत में आने से रोकने के लिए जंगल किनारे बनेगी खांईं।
* 5400 गांवों में रुका विद्युतीकरण कार्य होगा शुरू
* ग्राम पंचायतों के खातों का वेरीफिकेशन अब डीपीआरओ के बजाय खंड विकास अधिकारी करेंगे
* सांसद आदर्श गांवों में बनेंगे 110 आवास
* इंदिरा आवास के 10 फीसदी घटे लक्ष्य को बढ़ाया जाना।