अलग-अलग स्थानों पर ठंड लगने से दो लोगों की मौत हो गई। गोंडा के बभनान क्षेत्र में जहां ठंड लगने से एक बुजुर्ग की सांसें थम गईं, वहीं बलरामपुर के ललिया क्षेत्र में एक युवक की जान चली गई।
गोंडा के सीएचसी बभनजोत क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले गांव चांदपुर में रहने वाले सालिगराम (75) शनिवार सुबह अपने घर के बाहर जानवरों को खूंटे से बांध रहे थे कि इसी बीच उन्हें तेज ठंड लग गई।
ठंड लगने से वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आनन-फानन में उनके परिवारीजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस आने पर सुबह साढ़े 11 बजे जब परिवारीजन सीएचसी पर लेकर पहुंचे तो वहां उन्हें एलोपैथ का कोई डॉक्टर नहीं मिला।
हालांकि बाद में यूनानी विधा में पारंगत डॉक्टर एहसान कुरैशी ने उनका इलाज किया। लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।
सालिगराम के पुत्र छांगुर का कहना है कि अगर समय से उन्हें कोई एलौपैथ का डॉक्टर सीएचसी पर मिल गया होता तो उनके पिता की जान न जाती।
सीएचसी बभनजोत के अधीक्षक डॉ. प्रणय स्मृति से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह शनिवार को टीकाकरण के लिए क्षेत्र में थे। मौके पर सालिगराम का इलाज एमओसीएच डॉ. एहसान कुरैशी ने किया। लेकिन फिर भी बुजुर्ग की जान नहीं बचाई जा सकी।
ठंड के बाबत मौत पर उन्होंने इसे नैचुरल डेथ बताया। जबकि दूसरी ओर सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए इसे दिखवाए जाने की बात कही है।
उधर, बलरामपुर के ललिया क्षेत्र के मथुरा बाजार निवासी रीता देवी ने बताया कि उनके पति राधेश्याम गुप्ता (38) शनिवार दोपहर करीब दो बजे ससुराल इटहिया गांव जाने के लिए तैयार हो रहे थे।
ठंड लगने से अचानक राधेश्याम के सीने में दर्द होने लगा। परिवारीजन जब तक राधेश्याम को अस्पताल ले जाने की तैयारी करते, तब तक राधेश्याम की मौत हो गई।
इसके बाद परिवारीजनों ने मामले की सूचना सदर एसडीएम इंद्रभूषण वर्मा को दी। एसडीएम ने बताया कि मौके पर हल्का लेखपाल ज्ञानबाबू पांडेय को भेजा गया है।
मामले की जांच कराई जा रही है यदि राधेश्याम की मौत ठंड लगने से होने की पुष्टि होती है तो पीड़ित परिवारीजनों को सरकारी सहायता दी जाएगी।